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BrahMos Cruise Missile: इस वजह से गेमचेंजर साबित होगी ब्रह्मोस मिसाइल, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में केवल भारत का होगा दबदबा!

BrahMos cruise missile on IAF planes is gamechanger in Indo-Pacific: भारत की सेना के पराक्रम से दुश्मनों के छक्के छूट रहे हैं. भारत ने थल सेना, वायु सेना और नौ सेना की क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा किया है. इस बीच भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को ऐसी ताकत मिलने जा रही है जिससे पाकिस्तान और चीन दोनों की हालत खराब हो जाएगी. दरअसल भारत के सुखोई विमान 2.5 ton Air-launched BrahMos missile से लैस होने जा रहे हैं. जिसकी क्षमता अब 300 किलोमीटर से ज्यादा होगी. इससे इंडियन एयरफोर्स के पायलट चंद सेकेंड में अपने टारगेट को हमले की भनक लगने से पहले खत्म कर देंगे. ऐसा होने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी भारत का दबदबा बढ़ जाएगा.

 

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हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में तैनात सुखोई विमानों के BrahMos से लैस होने से भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिलेगी. सुखोई लड़ाकू विमान 2.5 टन एयर लॉन्च ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होंगे. जिसकी टारगेट सीमा 300 किलोमीटर से ज्यादा होगी, जो भारतीय वायु सेना की क्षमता को और बढ़ा देगी.

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सुखोई जेट का लेटेस्ट बैच स्वदेशी विकसित ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों से लैस है. IAF ने इसके लिए पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित की थी.

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इस मिसाइल को एडवांस एम्बेडेड सॉफ्टवेयर के साथ स्टील्थ तकनीक और नेविगेशन सिस्टम से लैस किया गया है जो इसे अचूक और घातक बना देता है. मिसाइल पूरी उड़ान के दौरान सुपरसोनिक स्पीड बनाए रखती है, जिससे उड़ान का समय कम हो जाता है और दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिलता.

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ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुताबिक, ब्रह्मोस दो चरणों में हमला करने वाली मिसाइल है. बूस्टर इंजन इसे सुपरसोनिक स्पीड तक ले जाता है और फिर अलग हो जाता है. इसके बाद मिसाइल टारगेट को निशाना बना देती है.

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हवा से दागी जाने वाली ये BrahMos क्रूज मिसाइल भारतीय वायुसेना के बेड़े का सबसे भारी और सबसे शक्तिशाली हथियार है. भारतीय वायु सेना (IAF) ने कुछ दिन पहले Su30-MKI लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की टेस्टिंग की थी. तब IAF अधिकारियों ने कहा था कि मिसाइल ने टारगेट पर अचूक निशाना लगाया. इस टेस्टिंग को भारतीय नौसेना के साथ मिलकर आयोजित किया गया था. बताते चलें कि IAF की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 2016 में ब्रह्मोस मिसाइलों को सुखोई फाइटर जेट्स में लैस करने के काम की शुरुआत की थी. एयरफोर्स ने तमिलनाडु के तंजावुर एयरबेस में मौजूद सुखोई-30MKI का चयन किया था.

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भारत के पास जल्द ही वो हथियार होगा जो दुनिया के किसी भी देश को खौफजदा करने के लिए काफी होगा. ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अधिकारियों के मुताबिक भारत-रूस डिफेंस के जॉइंट वेंचर ब्रह्मोस एयरोस्पेस हायपरसॉनिक मिसाइलें बना सकता है

 

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