नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Covid-19) के चलते इकोनॉमी में स्लोडाउन (Economic Slowdown) को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक और बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान करने जा रही है. हमारे सहयोगी चैनल Zee Business को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार ये पैकेज पहले दिए गए 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के समान होगा. 


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जी बिजनेस को मिली जानकारी के अनुसार PMO इस मुद्दे पर कभी भी फैसला ले सकता है. इसके लिए वह फाइनेंस मिनिस्‍ट्री से जल्‍द मीटिंग करेगा. इसमें RBI के लोग भी रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक PMO सबसे बातचीत के बाद फैसला करेगा.


जल्द होने वाली है बड़ी मीटिंग
फाइनेंस मिनिस्‍ट्री दूसरे राहत पैकेज के लिए सहमति बना रही है. इसके साथ ही पहले राहत पैकेज से कितनों को फायदा हुआ, इसकी भी समीक्षा होगी. दूसरे राहत पैकेज पर केवी कामथ कमेटी अपनी रिपोर्ट पहले ही दे चुकी है. 


इससे पहले दिन में फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने कहा कि इकोनॉमी को उबारने में बैंकों की भूमिका सबसे ज्‍यादा होगी. इस माहौल में अर्थव्यवस्था को उबारने में Catalyst की भूमिका में बैंक हैं. वे अपने ग्राहक की हर नब्ज पहचानते हैं. बैंकों को अपने मूल काम पर आत्ममंथन करने की जरूरत है. 


12 मई को की गई थी घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी. इस पैकेज की घोषणा करते हुए तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 'ये विशेष आर्थिक पैकेज करीब 20 लाख करोड़ रुपये का है. ये भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 प्रतिशत है.' उन्होंने कहा कि 20 लाख करोड़ रूपये का ये पैकेज 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा. आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए अब देश का आगे बढ़ना अनिवार्य है. इसके बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिन प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अलग-अलग सेक्टरों के लिए पैकेज की घोषणा की थी.


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