हर साल लाखों उम्मीदवार संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Service Exam) की तैयारी करते हैं. इसके लिए उन्हें अपने बसे-बसाए करियर तक से समझौता करना पड़ जाता है. आईएएस हरी चांदना दसारी (IAS Hari Chandana Dasari) भी प्रशासनिक सेवा में आने के लिए अपनी विदेश की नौकरी छोड़ आई थीं.
हर साल लाखों उम्मीदवार संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Service Exam) की तैयारी करते हैं. इसके लिए उन्हें अपने बसे-बसाए करियर तक से समझौता करना पड़ जाता है. आईएएस हरी चांदना दसारी (IAS Hari Chandana Dasari) भी प्रशासनिक सेवा में आने के लिए अपनी विदेश की नौकरी छोड़ आई थीं.
1/5उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल वेस्ट मैनेजमेंट के तौर पर किया. ग्रीन रिवॉल्युशन के जरिए हरी चांदना ने प्लास्टिक की बोतलों में पौधे लगवाए. IAS हरी चांदना ने हैदराबाद की सड़कों और 120 पार्क को कचरे की बोतलों से सजा दिया. अब कई महिलाएं वेस्ट को रीसाइकल कर हर महीने 10 से 12 हजार रुपए कमा रही हैं.
2/5आईएएस हरी चांदना दसारी के पिता डी. श्रीनिवास 1987 बैच के प्रशासनिक अधिकारी हैं. हरी चांदना ने बचपन से पिता को सिविल सर्विस में देखा तो उनके मन में भी इस सेवा के लिए खास जगह बन गई थी. हरी चांदना दसारी की मां हाउसवाइफ हैं, भाई डॉक्टर और पति सिविल सर्विस में अधिकारी हैं.
3/5हरी चांदना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्कूलों से पूरी हुई है (IAS Hari Chandana Dasari Education). उन्होंने हैदराबाद के सेंट एन्स कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की थी. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एनवायरमेंट इकोनॉमिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल की थी.
4/5पढ़ाई पूरी करने के बाद हरी चांदना दसारी की विश्व बैंक में नौकरी लग गई थी. उन्होंने लंदन में अन्य कंपनियों में भी काम किया है. वह विदेश में पूरी तरह से सेट हो चुकी थीं, लेकिन उनके मन में कुछ और ही चल रहा था. वह अपने पिता की तरह प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती थीं. विदेश की करोड़ों की नौकरी छोड़ हरी चांदना भारत आकर UPSC की तैयारी करने लगी थीं.
5/5हर साल लाखों उम्मीदवार संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Service Exam) की तैयारी करते हैं. इसके लिए उन्हें अपने बसे-बसाए करियर तक से समझौता करना पड़ जाता है. आईएएस हरी चांदना दसारी (IAS Hari Chandana Dasari) भी प्रशासनिक सेवा में आने के लिए अपनी विदेश की नौकरी छोड़ आई थीं.