मुंबई: संजय दत्त (Sanjay Dutt), अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) और कृति सेनन (Kriti Sanon) स्टारर आगामी फिल्म 'पानीपत (Panipat)' रिलीज से पहले एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है. ऐतिहासिक फिल्मों को जहां दर्शकों द्वारा पसंद किया जाता है. वही इन फिल्मों को बनाने का जोखिम उठाना भी बड़ी बात है. अभी हाल ही में दो बड़ी ऐतिहासिक फिल्में 'पानीपत' और 'तानाजी' का ट्रेलर रिलीज किया गया. सोशल मीडिया पर कुछ ही घंटों में ट्रेलर ने कई मिलीयन व्यूज को पार कर लिया. लेकिन ट्रेलर के वायरल होते ही ढेर सारी कॉन्ट्रोवर्सी का सामना फिल्म मेकर्स को करना पड़ रहा है.


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अलग अलग संगठन फिल्म मेकर्स से इतिहास के पन्नों को बिना किसी नुकसान के बड़े पर्दे पर दिखाने की मांग कर रहे हैं. सिनेमैटिक लिबर्टी ना लेते हुए फिल्म में दिखाए गए ऐतिहासिक किरदारों, मराठा संगठन के सरदारों की और महाराष्ट्र के इतिहास की धरोहर को दिखाने में, क्या उनकी फिल्म कारगर साबित होगी या फिर सिनेमैटिक लिबर्टी का हवाला देते हुए ऐतिहासिक हीरोस की निजी जिंदगी पर तोहमत लगेगी. इन सभी सवालों के साथ अलग अलग संगठन फिल्म को लेकर आपत्ति जता रहे हैं और फिल्ममेकर से मिलने की बात कर रहे हैं.



गुरुवार को मुंबई में 'पानीपत' फिल्म के फिल्मकार आशुतोष गोवारिकर के घर दो मराठा संगठन अलग-अलग टुकड़े में, अलग-अलग समय पर मिलने पहुंचे. "मराठा महासंघ" की टीम सबसे पहले आशुतोष गोवारिकर के घर पहुंची. जहां पर उन्होंने आशुतोष गोवारिकर से आग्रह किया कि फिल्म में इतिहास को जस का तस दिखाया जाए. इतिहास के साथ छेड़छाड़ गवारा नहीं है. 


वहीं रात के वक्त "समन्वय मराठा क्रांति मोर्चा" के सदस्य भी आशुतोष गोवारिकर के पास पहुंचे. उन्होंने बैठकर उनसे बात की और अंत में आशुतोष गोवारिकर द्वारा आश्वस्त किया गया है. समन्वय मराठा क्रांति मोर्चा के कोऑर्डिनेटर विनय पवार ने बताया कि आशुतोष गोवारिकर ने हमें आश्वस्त  किया है, ''फिल्म की स्क्रीनिंग पहले इतिहासकारों और इन ऐतिहासिक किरदारों के परिवार वालों को दिखाई जाएगी और अगर इस बात को पूरा नहीं किया गया तो अगला कदम कमेटी के निर्णय के बाद उठाया जाएगा.''



फिल्म मेकर को पुलिस सुरक्षा
इतना ही नहीं इन सब को ध्यान में रखते हुए आशुतोष गोवारिकर के घर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लोगों को घर के आसपास आने जाने नहीं दिया जा रहा है. ऐतिहासिक फिल्में बनाना और छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी, शिंदे, गायकवाड और जो भी महाराष्ट्र जन्मभूमि के मराठा क्रांतिकारी नेता  शासक रहे हैं, उनकी छवि पर किसी भी तरह का अंकुश ना लगे, इस बात को ध्यान में रखकर फिल्म बनाना, फिल्मकारों के लिए सबसे अहम हो गया है.


बुधवार को नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी सोशल मीडिया पर एक विवादित और धमकी भरा पोस्ट लिखा था. जिसमें उन्होंने लिखा था, 'ओम रावत आपका तानाजी फिल्म का ट्रेलर देखा. कुछ प्रसंगों में गैर इतिहासिक और गलत बातें  डाली गई हैं. उसमें तुरंत बदलाव करो या फिर मुझे मेरे तरीके से ध्यान देना पड़ेगा. इसे धमकी समझना है तो समझ लो...' हालांकि अजय देवगन फिल्म्स की तरफ से अभी भी बनाना बाकी है.


बता दें कि यह एक ऐतिहासिक आधार पर बनी फिल्म है, जो सदाशिव राव भाऊ की अगुवाई में मराठा साम्राज्य के नेतृत्व और अफ़गानिस्तान के राजा अहमद शाह अब्दाली की सेनाओं के बीच लड़े गए युद्ध पर आधारित है. फिल्म में अर्जुन कपूर, संजय दत्त, कृति सेनन के साथ मोहनीश बहल और जीनत अमान भी मुख्य भूमिकाओं में हैं. पानीपत 6 दिसंबर 2019 को रिलीज हो रही है.


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