देशभर में 30 फीसदी, बिहार में 48 फीसदी लोगों की हुई कोरोना से रिकवरी- अश्विनी चौबे

प्रधानमंत्री के दुरदृष्टि से उनके मार्गदर्शन में और उनके प्रतिनिधित्व में एकजुट होकर कोरोना से लड़ रहे हैं. दुनिया में हम बेहतर स्थिति में हैं. ऐसे में पैनिक होने की जरूरत नहीं है.

देशभर में 30 फीसदी, बिहार में 48 फीसदी लोगों की हुई कोरोना से रिकवरी- अश्विनी चौबे
देशभर में 30 फीसदी, बिहार में 48 फीसदी लोगों की हुई कोरोना से रिकवरी- अश्विनी चौबे. (फाइल फोटो)

नेहा कुमारी/दिल्ली/पटना: कोरोना संक्रमण को लेकर दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे से मीडिया की बातचीत हुई. जब उनसे पूछा गया कि बिहार में पिछले 24 घंटे में कोरोना के काफी मरीज मिले हैं तो उन्होंने कहा कि बेशक बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या रिकॉर्ड रूप से बढ़ी है. ऐसे में देश पूरे तरीके से तैयार है कोरोनावायरस से लड़ने के लिए. 

प्रधानमंत्री के दुरदृष्टि से उनके मार्गदर्शन में और उनके प्रतिनिधित्व में एकजुट होकर कोरोना से लड़ रहे हैं. दुनिया में हम बेहतर स्थिति में हैं. ऐसे में पैनिक होने की जरूरत नहीं है.

केंद्रीय मंत्री चौबे से जब पूछा गया कि कोरोना संकट आर्थिक मंदी का हल सरकार किस तरीके से निकालेगी. इस पर उन्होंने जवाब दिया कि स्वभाविक है थोड़ा बहुत आर्थिक मंदी जरूर होगा, लेकिन वह लंबे समय तक बने नहीं रहने दिया जाएगा.

हम बहुत सोच समझकर सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए आर्थिक दृष्टिकोण को देखते हुए एहतियात बरत रहे हैं. हम मंदी की ओर बहुत ज्यादा ना बढ़ें इसलिए धीरे-धीरे फेज वाइज फेज हर राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बातचीत करके और  मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करके आर्थिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से लोग रिकवर भी हो रहे हैं, अब तक लगभग 30 फीसदी लोग ठीक होकर घर जा रहे हैं. बिहार में लगभग 48 परसेंट लोग ठीक हो कर घर जा रहे हैं. 

लगभग 7 से 13 दिनों में 69 जिले ऐसे हैं जहां किसी प्रकार के कोरोनावायरस सामने नहीं आए हैं. उसी प्रकार से 37 जिले ऐसे हैं जहां 14 दिनों में कोई मरीज नहीं आया है. ठीक उसी तरीके से 28 जिले ऐसे हैं जहां 21 दिनों में कोई मरीज नहीं आए हैं. लगभग 53 जिले ऐसे हैं जहां पिछले 28 दिनों में कोई मरीज नहीं आए हैं यह हमारे लिए शुभ संकेत है.
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेड से ऑरेंज स्पॉट एरिया है. ठीक इसी तरीके से 300 से ऊपर ग्रीनजोन एरिया है. उन्होंने कहा कि सांस लेने की दिक्कत वाले मरीजों और इनफ्लुएंजा से ग्रसित मरीजों को भी चिह्नित किया जा रहा है. 

इसके लिए ढाई सौ टेस्टिंग करने का हमने आर्डर दिया है. इसमें कर्नाटक जैसे राज्य बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. लगभग 1000 टेस्टिंग पर डे कर रहे हैं. इस तरीके से हमारा प्रयास है कि हम हर दिन टेस्टिंग करवा रहे हैं, अब हमारे पास पूरे देश में लाभ 476 लैब है. 

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में अब तक 16 लाख से ऊपर जांच हो चुका है. हम लगातार 4 से 5 गुना बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. टेस्टिंग फैसिलिटी को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम लोगों ने अमेरिकी कंपनियों से बातचीत की है, दोनों कंपनी ने मिलकर टीबी को दुनिया से खत्म करने के लिए 2025 में यह संकल्प लिया था कि भारत को टीबी मुक्त बना देंगे. 

उन्होंने कहा कि बिहार ने 86 ट्यूबेट मशीनों की मांग की थी, जिसमें अभी तक हमने बिहार को 15 ट्यूबेट मशीन भेजे हैं.
बिहार और देश भर में जांच की कैपेसिटी को बढ़ाने की लगातार कोशिश की जा रही है.

गवर्मेंट कॉलेज और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में भी हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि मेडिकल जांच की सुविधा हो. बिहार में करीब 18 सौ प्रतिदिन जांच अभी हो रहा, है लेकिन हमारी कोशिश है कि इसे 6 गुना बढ़ाया जाए.

जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि बिहार में क्वारंटाइन सेंटर की हालत बहुत खराब है. प्रवासी मजदूरों के लिए जो सेंटर बनाए गए हैं, उनकी भी हालत अच्छी नहीं है. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि इसमें राज्य सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि सेंटर के हालात अच्छे हों. वहां पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों को सुविधाजनक माहौल मिले.

जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत कोविड-19 कवच बनाने और एंटीबॉडी जो इस बीमारी के खिलाफ लड़ सके, उसे बनाने की कोशिश कर रहा है. इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया कि आयुर्वेदिक दवा जिसे हजारों लोगों पर टेस्ट किया गया है. अश्वगंधा यष्टिमधु गुरुजी और पिपली चौकी आयुष 64 के नाम से जाना जाता है.

इसको मिलाकर हम दवाई बना रहे हैं, जिस का हम लोगों ने हजार लोगों पर सुपर टेस्टिंग किया गया है. इम्यून सिस्टम बढ़ाने की कैपेसिटी बढ़ा कर लोगों की सेहत को तेजी से सुधार करने की कोशिश की जा रही है.

यह ऐतिहासिक फैसला है इसकी वैज्ञानिक जांच भी हो रही है और हम सफल भी हो रहे हैं. साथ ही कोरोना से जारी युद्ध में यह मील का पत्थर साबित होगा.