RLSP से अलग हुए सांसद अरूण कुमार की राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) को मिली मान्यता

सांसद अरूण कुमार की राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) को चुनाव आयोग से मान्यता मिल गई है.

RLSP से अलग हुए सांसद अरूण कुमार की राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) को मिली मान्यता
अरूण कुमार की पार्टी को मान्यता दे दी गई है. (फाइल फोटो)

पटनाः आरएलएसपी पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा से नाराज अरूण कुमार ने अपनी नई पार्टी का ऐलान किया था. जहानाबाद से सांसद ने अपनी पार्टी का नाम राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) रखा था. अब उनकी पार्टी को चुनाव आयोग से मान्यता मिल गई है. साथ ही उनकी पार्टी को चुनाव चिन्ह ही आवंटित किया गया है. ऐसे में बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ भी देखने को मिल सकता है.

अरूण कुमार की पार्टी राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) को चुनाव आयोग ने गुरुवार को मान्यता दे दी है. साथ ही पार्टी को चुनाव चिन्ह भी दे दिया गया है. उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह 'ट्रक' होगा. अब उनकी पार्टी को मान्यता मिल गई है तो बिहार की राजनीति में कुछ नया देखने को मिल सकता है.

आगामी लोकसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में अरूण कुमार अब अपनी पार्टी को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं. हालांकि कयास लगाया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा से नाराज आरएलएसपी के नेता अब राष्ट्रीय समता पार्टी में आ सकते हैं. ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा की भी मुश्किलें अब शायद बढ़ सकती है.

वहीं, कयास लगाया जा रहा है कि वह भी अब महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं. हालांकि अभी तक अरूण कुमार ने महागठबंधन में शामिल होने की किसी तरह की कवायद नहीं दिखी है. इसके साथ उनके पास और भी कई विकल्प हैं. हालांकि वह पहले एनडीए के साथ जाने की बात कर रहे थे, लेकिन कुछ समय से वह एनडीए से बागी तेवर दिखा रहे हैं. वहीं, एनडीए में सीट शेयरिंग का फैसला भी हो चुका है ऐसे में एनडीए से वह दूर ही रहेंगे.

अब यह भी कयास लगाया जा रहा है कि अरूण कुमार अपनी पार्टी को पप्पू यादव की पार्टी जनाधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के साथ मिलकर थ्रड फ्रंट बना सकते हैं. क्योंकि पप्पू यादव भी लोकसभा चुनाव के लिए विकल्प की तलाश में लगे हैं.

बहरहाल, अरूण कुमार की पार्टी को मान्यता मिलने के बाद आगामी चुनाव के लिए उनके पास कई रास्ते खुल गए हैं. लेकिन वह किस विकल्प को चुनेंगे इसका फैसला जल्द ही देखने को मिल सकता है.