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बिहारः सवर्ण आरक्षण पर जेडीयू के फैसले से बढ़ सकती है आरजेडी की मुश्किलें!

सवर्ण आरक्षण पर नीतीश सरकार बजट सत्र में विधेयक पेश करेगी.

बिहारः सवर्ण आरक्षण पर जेडीयू के फैसले से बढ़ सकती है आरजेडी की मुश्किलें!
नीतीश सरकार बजट सत्र में सवर्ण आरक्षण पर विधेयक पेश करेगी. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः बिहार में सवर्ण आरक्षण जल्द ही लागू हो सकता है. नीतीश सरकार ने इस पर जल्द ही विधेयक पेश करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में ही सर्वण आरक्षण विधेयक लागू हो सकता है. अब जेडीयू के इस फैसले से आरजेडी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है. बता दें कि आरजेडी ने संसद में सवर्ण आरक्षण विधेयक का विरोध किया था. हालांकि संसद में विधेयक पास होने के बाद आरजेडी का कहना है कि उसने सवर्ण आरक्षण का विरोध नहीं किया है.

सवर्ण आरक्षण पर अब जेडीयू भी इस कार्ड को खेलना चाहती है. लेकिन जेडीयू के इस कार्ड से आरजेडी में दुविधा मची है. आरजेडी द्वारा सवर्ण आरक्षण का एक बार संसद में विरोध किया जिसके बाद पार्टी के नेताओं में दो अलग-अलग मनतव्य सामने आने लगे. जहां एक ओर कई नेता सवर्ण आरक्षण के विरोध को बूवकूफी बताई थी तो वहीं, कई नेताओं ने कहा कि आरजेडी ने कभी भी सवर्ण आरक्षण का विरोध नहीं किया है.

वहीं, अब जेडीयू ने फैसला लिया है कि सवर्ण आरक्षण को जल्द ही बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में ही पेश किया जा सकता है. इससे आरजेडी की दुविधा इसलिए बढ़ गई है कि अब अगर बिहार विधानमंडल में इसका विरोध करती है तो उन्हें सवर्णों का विरोध झेलना पड़ सकता है. ऐसे में विधानमंडल में सवर्ण आरक्षण का विधेयक आने पर आरजेडी इसका विरोध करने के लिए सोचना होगा.

महागठबंधन में भी सवर्ण आरक्षण को लेकर दो धाराएं हैं. जहां एक ओर लगभग सभी दलों ने सवर्ण आरक्षण को लेकर समर्थन दिया है. वहीं, आरजेडी विधेयक का विरोध कर रही है. हालांकि आरजेडी की लगातार आलोचना के बाद आरजेडी के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह सामने आकर कहा कि सवर्ण आरक्षण पर पार्टी ने कभी नहीं विरोध किया. क्यों कि आरजेडी के घोषणा पत्र में सवर्ण आरक्षण को शामिल किया था.

वहीं, पहले बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इसका विरोध किया था, लेकिन रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान के बाद उन्होंने भी अपना स्टैंड बदल लिया. और कहा कि सवर्ण आरक्षण का विरोध नहीं बल्की उसके विधेयक की गई बातों का पार्टी विरोध कर रही थी.

सवर्ण आरक्षण को लेकर महागठबंधन में अन्य दलों के बीच दुविधा हो गई. कांग्रेस, हम समेत अन्य कई दलों ने सवर्ण आरक्षण का समर्थन किया था. लेकिन आरजेडी के विरोध में आने से अन्य दलों को असहजता होने लगी है. हालांकि आरजेडी अब सवर्ण आरक्षण पर डैमेज कंट्रोल करने का काम शुरू कर दिया है.

आपको बता दें कि बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 11 फरवरी से शरू होने वाला है. जिसमें विधेयक पेश की जाएगी.