UPSC Topper शुभम कुमार ने खोला सफलता का राज, बचपन में ही समझ गए थे ये अहम बात

शुभम कुमार ने कहा, 'मैंने यूपीएससी की जब तैयारी शुरू की, तभी से मेरे मन में इच्छा थी कि लोगों के लिए काम करूं. मुझे लगता है कि आईएएस  (IAS) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां मैं ऐसा कर सकता हूं.' 

UPSC Topper शुभम कुमार ने खोला सफलता का राज, बचपन में ही समझ गए थे ये अहम बात
शुभम कुमार ने खोला सफलता का राज.

Patna: सिविल सर्विस परीक्षा 2020 के नतीजों की घोषणा संघ लोकसेवा आयोग (UPSC Result 2020) ने शुक्रवार को की. इसमें बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार (UPSC Topper Shubham Kumar) ने टॉप किया है. पिछले बार भी शुमभ ने परीक्षा पास की थी, तब उनकी 290वीं रैंक थी. लेकिन इस बार शुभम ने बाजी मारते हुए पूरे देश में यूपीएससी टॉप किया है. इस बीच, शुभम कुमार ने ज़ी बिहार-झारखंड (Zee Bihar Jharkhand) से अपने सफर के बारे में विस्तार से बात की.  

सवाल: आपका यूपीएससी टॉप करने तक का सफर कैसा रहा?
उत्तर:
मैंने 2018 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी. तब से अब तक मुझे कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले. कई बार मेरी हिम्मत टूट जाती थी लेकिन परिवार का बहुत सपोर्ट रहा, पापा ने हमेशा साथ दिया और मुझे कॉन्फिडेंस देते रहे, जिससे मैं अपने लक्ष्य के लिए एकदम फोकस्ड होकर पढ़ाई कर सका.

सवाल:  290वीं रैंक से सीधा यूपीएससी टॉप करना, इतना लंबा गैप कैसे कवर किया?
उत्तर:
मैंने यूपीएससी की जब तैयारी शुरू की, तभी से मेरे मन में इच्छा थी कि लोगों के लिए काम करूं. मुझे लगता है कि आईएएस  (IAS) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां मैं ऐसा कर सकता हूं. लेकिन पिछली बार मेरा चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस (Indian Defence Accounts Service) में हुआ तो मुझे लगा कि मैं एक बार और तैयारी करूं, जिससे उस प्लेटफॉर्म पर पहुंच पाऊं जहां मैं सीधा लोगों के लिए काम कर सकूं. इसी मोटिवेशन के साथ मैंने तैयारी की और मुझे सफलता मिली.

सवाल: इंजीनियर बनने के बाद सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा कहां से मिली?
उत्तर:
मेरी बचपन से इच्छा सिविल सर्विस (Civil Service) में जाने की थी. मैं ग्रामीण परिवेश में पला बढ़ा हूं, मैंने वहां देखा कि अगर आप अच्छे पोजीशन पर हैं तो आप लोगों की लाइफ बदल सकते हैं, उन्हें सुविधाएं पहुंचा सकते हैं. इसके बाद जब मैं आईआईटी (IIT Bombay) में गया तो चीजों को अच्छे से एक्सप्लोर करने का मौका मिला और फिर फाइनल ईयर में मैंने तय किया कि मुझे लोगों के लिए काम करना है और सिविल सर्विसेस में जाना है. 

सवाल: तैयारी के दौरान कई चुनौतियां आई होगी तो उसका कैसे सामना किया और अपने आपको कैसे मोटिवेट किया?
उत्तर: जब आप इस तरह के परीक्षा की तैयारी करते हैं तो तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मेरे परिवार और दोस्तों ने मुझे बहुत सपोर्ट किया. मैं टॉपर्स के इंटरव्यू सुनता था और लगातार अच्छा करने की कोशिश करता था, जिससे मुझे बहुत प्रेरणा मिली.

सवाल: आईएएस बनने के बाद अब आप पहला काम क्या करेंगे?
उत्तर: जिस जगह पोस्टिंग होगी वहां की समस्या के मुताबिक काम करूंगा. लेकिन मुख्य रूप से किसानों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए काम करना है. लोगों की आय बढ़ाने पर ध्यान होगा. इसके अलावा लोगों को सशक्त करना चाहूंगा जिससे उनकी आय बढ़े. मेरे जिले में गन्ना-मकई की खेती ज्यादा होती तो वहां इंडस्ट्री लगवाने पर जोर होगा, ताकि लोगों को रोजगार मिले. डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की कोशिश होगी, साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना चाहूंगा.

सवाल: तैयारी के लिए कहीं कोचिंग की थी?
उत्तर: 2018 में मैंने दिल्ली में कोचिंग की थी. लेकिन उसके बाद मैंने खुद से पढ़ाई की. कोचिंग से मदद मिलती है, लेकिन मुझे लगता है कि कोचिंग से ज्यादा खुद की पढ़ाई जरूरी है. पढ़ाई के सारे संसाधन ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बस फोकस रहकर पढ़ना चाहिए. ये ध्यान रहे कि जो भी प्लान आपने बनाए हैं, उसको ठीक से इंप्लीमेंट करें. ये एक लंबा सफर होता है, इसलिए इसमें खुद को मोटिवेट करना बहुत जरूरी है.

सवाल: आप लक को कितना बड़ा फैक्टर मानते हैं?
उत्तर: अगर आप अच्छे से तैयारी करते हैं, तो लक का उतना रोल नहीं होता है. आपका नाम लिस्ट में आएगा ही, लेकिन हां, बहुत लोग मेहनत करते हैं पर सफलता पाने के लिए सही जगह पर मेहनत करनी होती है. रही बात टॉप करने की तो मुझे टॉप-100 में आने की उम्मीद थी, पर ये घरवालों की प्रार्थना है जिसकी वजह से मैं टॉप कर पाया.

सवाल: अब आप कई छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत होंगे, तो उनको क्या संदेश देंगे?
उत्तर: देखिए जब आप तैयारी कर रहे होंगे तो डर लगेगा और लो फील करेंगे. लेकिन आपको ये विश्वास होना चाहिए कि सभी इस फेज से गुजरते हैं. तो बस लगातार पढ़ाई करते रहिए, आप एक दिन जरूर सफल होंगे.

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