UPSC में जुमई के प्रवीण ने हासिल की 7वीं रैंक, कहा-IAS बनने के बाद सबसे पहले करूंगा ये काम

प्रवीण ने कहा, 'मैं होमलेस बच्चों के लिए सबसे पहले काम करूंगा. मेरी कोशिश होगी कि उनके लिए हॉस्टल का निर्माण करवाऊं, जहां पर वह पढ़ सकें और अच्छे वातावरण में रह सकें.'

UPSC में जुमई के प्रवीण ने हासिल की 7वीं रैंक, कहा-IAS बनने के बाद सबसे पहले करूंगा ये काम
प्रवीण कुमार ने यूपीएससी में हासिल की है 7वीं रैंक.

Jamui: संघ लोकसेवा आयोग ने शुक्रवार को सिविल सर्विस परीक्षा 2020 (UPSC Result 2020) के नतीजे घोषित कर दिए. इस परीक्षा में बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार ने टॉप किया है तो वहीं, जमुई निवासी प्रवीण कुमार ने सातवां स्थान हासिल किया है. प्रवीण की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है. इस बीच, प्रवीण ने ज़ी बिहार-झारखंड से खास बातचीत की और अपने सफर के बारे में विस्तार से बताया.

सवाल: अपनी सफलता पर कैसा महसूस कर रहे हैं?
उत्तर: बहुत जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है, उम्मीद नहीं थी कि इतनी बड़ी सफलता हासिल होगी. हालांकि, मेहनत बहुत कर रहे थे लेकिन ईश्वर कुछ ज्यादा मेहरबान हो गए थे.

सवाल: आपको उम्मीद थी कि UPSC में 7वीं रैंक आएगी?
उत्तर: बिल्कुल नहीं पता था, बस सोच रहे थे कि कुछ भी रैंक आ जाए. मैंने बहुत मेहनत की थी, हालांकि, मेरी तरह तमाम लोग यूपीएससी के लिए मेहनत करते हैं. लेकिन मैं भाग्यशाली था कि मुझे इतनी बड़ी सफलता हासिल हुई.

सवाल: अब आप प्रशासनिक सेवा से जुड़ गए हैं तो जनहित में पहला काम क्या करेंगे?
उत्तर: मैं होमलेस बच्चों के लिए सबसे पहले काम करूंगा. मेरी कोशिश होगी कि उनके लिए हॉस्टल का निर्माण करवाऊं, जहां पर वह पढ़ सकें और अच्छे वातावरण में रह सकें. इसके अलावा, बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य की समस्या है, उसके लिए काम करने का प्रयास करूंगा.

सवाल: तैयारी कैसे और कब से कर रहे थे?
उत्तर: 2017 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया था. उसके बाद इंजीनियरिंग सर्विस की तैयारी की और 2019 में तीसरी रैंक हासिल की. फिर एक साल का गैप सिविल सर्विस एग्जाम के लिए लिया. 

सवाल: तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा लिया या फिर खुद से पढ़ाई की?
उत्तर: मैंने कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं किया. हालांकि, मैंने कई कोचिंग संस्थान के नोट्स लिए थे, लेकिन पढ़ाई खुद से की थी.

सवाल: सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्रों को क्या संदेश देंगे?
उत्तर: एग्जाम बहुत मुश्किल है, ऐसे में ये बहुत मायने रखता है कि अभ्यर्थी एग्जाम को लेकर सारे संदेह दूर करके कैसे स्मार्टिली काम करता है, ये ही आपकी सफलता तय करता है और हां, इस परीक्षा में भाग्य बहुत बड़ा किरदार निभाता है. मेरा लक बहुत अच्छा था इसलिए मुझे सफलता मिली.

सवाल: आपकी सफलता के बाद माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर: घर में सब बहुत खुश हैं. हां, पापा जरूर थोड़ा भावुक हो गए थे.

सवाल: आपको प्रेरणा कहां से मिली?
उत्तर: अपने माता-पिता की मेहनत की वजह से मैं बहुत अच्छा जीवन जी रहा था, तो ये मुझे हमेशा प्रेरणा देता था. मुझे लगा कि ये सेक्टर ऐसा है जहां समाज के लिए कुछ किया जा सकता है और पॉजिटिव चेंज लाया जा सकता है. 

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