11 आसान सवालों में जानिए कैसे रहे हैं बिहार विधानसभा भवन के सौ साल
X

11 आसान सवालों में जानिए कैसे रहे हैं बिहार विधानसभा भवन के सौ साल

बिहार विधानसभा भवन सौ साल का हो चुका है.

11 आसान सवालों में जानिए कैसे रहे हैं बिहार विधानसभा भवन के सौ साल

पटनाः 100 years of Bihar Vidhansabha Bhawan: बिहार विधानसभा भवन सौ साल का हो चुका है. ये सौ साल सिर्फ बीता हुआ कोई समय नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक सभ्यता, एक राज्य की ऐतिहासिक संस्कृति और उसके नियमों-कानूनों का ऐसा अनलिखा दस्तावेज है जो सिर्फ और सिर्फ कैलेंडर की बीतती तारीखों, घड़ी के कांटों और आगे बढ़ते रहने वाले समय चक्र की लीक पर दर्ज है.

वैदिक मंत्रों में जीवेम् शरदः शतम का आशीर्वाद दिया जाता है. जब कोई अपनी उम्र के 100 साल पूरे कर लेता है तो वह सिर्फ व्यक्तिवाचक या वस्तु नहीं रह जाता है, बल्कि अनुभवों और सही-गलत की सीख का वो खजाना हो जाता है, जिसके पास जाओ तो हाथ कभी खाली होकर नहीं लौटते हैं. 100 साल की ये एतिहासिक इमारत आज ऐसे ही अनुभवों की एक धरोहर बन चुकी है. कैसा रहा है इसका ये सफर, डालते हैं इस पर एक नजर-

1. सवालः कब तैयार हुआ था बिहार विधानसभा भवन?
जवाबः बिहार विधानसभा का यह भवन मार्च 1920 में बनकर तैयार हुआ. वक्त के साथ इसमें कई बदलाव किए गए हैं, लेकिन मूल संरचना अब भी बरकरार है. 

2. सवालः कब हुई थी पहली बैठक?
जवाबः बिहार विधानसभा भवन में 7 फरवरी 1921 को पहली बैठक हुई थी. इसे लॉर्ड सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा ने गवर्नर के तौर पर संबोधित किया था.

3. सवालः बंगाल से बिहार-ओडिशा कब अलग हुए?
जवाबः बिहार का क्षेत्र अंग्रेजों के शासन के समय में 18वीं शताब्दी में बंगाल का अंग बना था. बंगाल का अंग बनने के बाद से ही बिहार को अलग राज्य बनाने की मांग उठने लगी थी. 12 दिसंबर 1911 का दिन बिहार के लिए बहुत अहम था, जब ब्रिटिश सम्राट जार्ज पंचम ने दिल्ली दरबार में बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग राज्य बनाने की घोषणा की और इसका मुख्यालय पटना तय किया.

4. सवालः पहली विधायी बैठक कब हुई?
जवाबः 1912 में जब बिहार और उड़ीसा अलग राज्य बने, तो चार्ल्स स्टुवर्ट बेली राज्य के पहले उप राज्यपाल बने. इन्हीं के नेतृत्व में पहली विधायी बैठक 20 जनवरी 1913 को हुई थी. हालांकि तब विधानसभा भवन नहीं बना था. 

5. सवालः बिहार विधानसभा भवन में कब से शुरू हुआ काम? 
जवाबः 1921 में जब मौजूदा विधानसभा भवन में काम शुरू हुआ है और स्टेट लेजेस्लेटिव काउंसिल की बैठक हुई, तो सदस्यों की संख्या 43 थी, जिसमें 24 का चुनाव होता था और बाकी सदस्यों को मनोनीत किया जाता था. तब बिहार और उड़ीसा एक में थे.

6. सवालः लेजिस्लेटिव काउंसिल की पहली बैठक भवन में कब हुई?
जवाबः  7 फरवरी 1921 को स्टेट लेजिस्लेटिव काउंसिल की पहली बैठक मौजूदा भवन में वाल्टर मोरे की अध्यक्षता में हुई, जिसे राज्यपाल सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने संबोधित किया.

7. सवालः बिहार विधानसभा नाम कब मिला? विधान परिषद का गठन कब हुआ?
जवाबः
ब्रिटिश संसद ने भारत सरकार अधिनियम 1935 को पारित किया. बिहार और उड़ीसा अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आ गये. इसके बाद स्टेट लेजिस्लेटिव काउंसिल का नाम बिहार विधानसभा किया गया. उच्च सदन के रूप में बिहार विधान परिषद का गठन हुआ, जिसमें 30 सदस्यों को रखा गया, जिसकी पहली बैठक 22 जुलाई 1936 को हुई.

8. सवालः पहली चुनी हुई सरकार कब बनी? 
जवाबः 1937 में बिहार विधानसभा का चुनाव हुये, जिसमें 20 जुलाई 1937 को श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में पहली चुनी हुई सरकार बनी. इसके बाद 22 जुलाई 1937 को विधानसभा और विधान परिषद की पहली संयुक्त बैठक हुई. 25 जुलाई 1937 को राज्य के पहले विधानसभा अध्यक्ष के रूप में राम दयालु सिंह का चुनाव हुआ.

9. सवालः किस तरह हुआ है बिहार विधानसभा भवन का निर्माण?
जवाबः
बिहार विधानसभा भवन इतालवी पुर्नजागरण शैली में बना है. लंबे-लंबे गोलाकार स्तंभ और अर्द्धवृताकार मेहराब इसकी खूबसूरती है. यह प्राचीन रोमन शैली को दर्शाता है. बिहार विधानसभा के इस भवन में समरूपता का विशेष ध्यान रखा गया है.

10 सवालः परिसर में कितने कमरे हैं?
जवाबः
बिहार विधानसभा का सदन का कार्यवाही हॉल अर्द्धगोलाकार आकृति में है. बिहार विधानसभा परिसर में तीन हॉल और कुल 12 कमरे हैं.

11. सवालः किसने बनाई थी इस सौ साल पुरानी इमारत की डिजाइन
जवाबः बिहार विधानसभा भवन की डिजाइन वास्तुविद ए एम मिलवुड ने तैयार किया था. बिहार विधानसभा की आंतरिक संरचना 60 फीट लंबी और 50 फीट चौड़ी है. विधानसभा के अगले हिस्से की लंबाई 230 फीट है. इन सौ सालों में इस भवन का मूल ऐतिहासिक स्वरूप कुछ भी नहीं बदला है.

यह भी पढ़िएः जानिए पहले कब-कब बिहार आ चुके हैं राष्ट्रपति, क्यों है खास लगाव

Trending news