close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर गांव में पौधारोपण के साथ लिट्टी-चोखा बना रहे हैं पंकज त्रिपाठी

पंकज त्रिपाठी बरौली प्रखंड के बेलसंड गांव के रहने वाले हैं. दीपावली की छुट्टी में अपने घर आए हुए हैं. रोज सुबह वह गांव की सड़कों पर निकल जाते हैं. खेतों की हरियाली को निहारते हुए खुद पौधा लगाने में जुट जाते हैं.

बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर गांव में पौधारोपण के साथ लिट्टी-चोखा बना रहे हैं पंकज त्रिपाठी
माता-पिता से मिलने पंकज त्रिपाठी अक्सर गांव आते रहते हैं. (तस्वीर- Twitter@TripathiiPankaj)

गोपालगंज : बॉलीवुड के मशहूर कलाकार पंकज त्रिपाठी दीपावली के मौके पर अपने पैतृक गांव गोपालगंज के बेलसंड पहुंचे हैं. वे इन दिनों बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर अपने गांव की मिट्टी को संवारने में लगे हुए हैं. पंकज अपने गांव की आबोहवा को बदलने की कोशिश कर रहे है. वह पर्यावरण को बचाने की मुहीम में लगे हुए हैं. अपने गावं के लोगों को पौधा लगाकर पर्यावरण को बचाने की सलाह दे रहे हैं.

पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) इन दिनों मुम्बई की भागदौड़ से दूर गांव में सुकून से पौधारोपण कर रहे हैं. वे अपनों के बीच में लिट्टी-चोखा बना रहे हैं और दोस्तों के साथ इसका स्वाद चख रहे हैं.

पंकज त्रिपाठी बरौली प्रखंड के बेलसंड गांव के रहने वाले हैं. दीपावली की छुट्टी में अपने घर आए हुए हैं. रोज सुबह वह गांव की सड़कों पर निकल जाते हैं. खेतों की हरियाली को निहारते हुए खुद पौधा लगाने में जुट जाते हैं.

उनके मुताबिक, वे गांव की गालियों में पौधा लगा रहे हैं. हर 25 फीट की दूरी पर पौधा लगाने की योजना है. उन्होंने अपने गांव में पीपल, बरगद, गुलमोहर सहित कई पौधे लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार भी पर्यावरण को बचाने की मुहीम में लगी हुई है, इसलिए पौधे लगाना जरूरी है. आने वाले दिनों में पर्यावरण को बचाना बहुत जरूरी है. इस वजह से वे भी अपना योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अगर पर्यावरण नहीं बचेगा तो ऑक्सीजन कहां से लाएंगे. इसलिए देश के प्रत्येक लोगों को इस मुहीम में जुट जाना चाहिए और खुद पौधा लगाना चाहिए. पौधारोपण के बाद पंकज त्रिपाठी ने गोपालगंज के अपने दोस्तों के लिए खुद लिट्टी-चोखा बनाए. गाय के गोबर से बने उपले पर लिट्टी पकाया. फिर आलू और बैंगन का चोखा बनाकर बिहार के इस मशहूर खाना को अपने दोस्तों के बैठकर खाया. पंकज त्रिपाठी के हाथ से बने खाने को खाने के लिए जिले के पुलिस कप्तान मनोज कुमार तिवारी सहित कई अधिकारी और गांव के लोग भी शामिल हुए. 

दरअसल पंकज त्रिपाठी अपने बुजुर्ग माता-पिता से मिलने के लिए गोपालगंज आए. पांच दिनों तक अपने पैत्रिक घर में रहने के बाद आज सुबह मुंबई वापस लौट गए.