घटिया सड़क बनानेवाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज, नीतीश कुमार ने कहा- देना होगा जवाब

नीतीश कुमार ने बिहार की ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को सुधारने के लिए बड़ी घोषणा की है. 

घटिया सड़क बनानेवाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज, नीतीश कुमार ने कहा- देना होगा जवाब
नीतीश कुमार ने ग्रामीण सड़कों को सुधारने के लिए फैसला लिया है.

शैलेंद्र/पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को सुधारने के लिए बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण कानून के दायरे में ग्रामीण सड़कों को लाया जायेगा, ताकि अगर सड़क में गड़बड़ी हो, तो ग्रामीण उसकी शिकायत कर सकें. अगर शिकायत होगी, तो उसमें जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा. सीएम नीतीश कुमार ने इसका ऐलान ग्रामीण कार्य विभाग के 5254 करोड़ के कामों के उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारम्भ के दौरान की.
 
सीएम संवाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 250 और उससे ऊपर की आबादी के टोलों और गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने का फैसला लिया है, जिस पर काम हो रहा है. ऐसे में ग्रामीण सड़कों की सेहत ठीक रहे, इसके लिए मेंटेनेंस पॉलिसी बनायी गयी है, जिसमें शुरुआती दौर में 250 करोड़ रुपये रखे गये हैं. सीएम ने कहा कि अब गांव की सड़कें बेहतर स्थिति में रहें, इसकी जिम्मेदारी ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर और अधिकारियों की है. सीएम ने कहा कि मैं भी एक इंजीनियर हूं और इंजीनियरिंग में क्या होता है, इसको बाखूबी जानता हूं.

सीएम ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए रख-रखाव के साथ काम की निगरानी की जानी भी बहुत जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि इंजीनियर फील्ड में जायें. एक्जीक्यूटिव इंजीनियर और इंजीनियर इन चीफ ये नहीं समझें कि हम सीनियर हैं और ऑफिस में ही बैठे रहें. उनको भी फील्ड में जाना होगा. सीएम ने कहा कि अगर सड़कों की स्थिति ठीक रहेगी, तो गांव के लोग आपकी प्रसंशा करेंगे. आप जब जायेंगे, तो आपके काम की तारीफ करेंगे, जिससे आपको कितनी खुशी मिलेगी. 

सीएम ने इंजीनियरों के साथ ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को भी नसीहत दी और कहा कि आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की 87 फीसदी की जिम्मेदारी आप पर है. आप लोग भी गांव से जुड़े होंगे. हो सकता है कि अब शहर में घर बन गया हो, लेकिन पहले तो आप गांव से आए होंगे और अब भी गांव जाना पड़ता होगा. सीएम ने पहले और अब की स्थिति की चर्चा की और कहा कि पहले गांव में सड़कें कहां बनती थीं. कोई रसूखदार रहता था, तो वो सड़क बनवा लेता था. बड़े अधिकारी, इंजीनियर और ठेकेदार अपने गांव की सड़कों का निर्माण करा लेते थे, लेकिन और गांव ऐसे ही रह जाते थे. वजह थी कि कोई पॉलिसी नहीं बनी थी, लेकिन हम लोगों ने पॉलिसी तैयार की है, काफी रिसर्च के बाद इसको तैयार किया गया है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रमीण सड़कों को तीसरे कृषि रोड मैप से भी जोड़ा गया है, जिसमें ये तय किया गया है कि 2022 तक राज्य का हर टोला सड़क से जुड़ जायेगा. ये हमारे सात निश्चय में शामिल है. सीएम ने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास करवाया गया है, उन पर सही समय पर काम शुरू और पूरा हो. जिन कामों की शुरुआत करवायी गयी है, वो समय पर पूरें हों और जिनका उद्घाटन कराया गया है, उनकी गुणवत्ता बनी रहे. इस पर अधिकारियों को ध्यान रखना है.