प्रियंका से जुड़े मामलों में कोई चूक नहीं चाहती कांग्रेस, कुमार आशीष की नियुक्ति हुई रद्द

 कुमार आशीष को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था. साथ ही उन्हें प्रियंका गांधी की टीम में जगह भी दी गई थी.

प्रियंका से जुड़े मामलों में कोई चूक नहीं चाहती कांग्रेस, कुमार आशीष की नियुक्ति हुई रद्द
कुमार आशीष की नियुक्ति रद्द कर दी गई है. (फाइल फोटो)

पटनाः बिहार युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कुमार आशीष को 24 घंटे के अंदर पार्टी की नई जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है. कुमार आशीष को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था. साथ ही उन्हें प्रियंका गांधी की टीम में जगह भी दी गई थी. लेकिन एक विवाद की वजह से राहुल गांधी को खुद कुमार आशीष की नियुक्ति को रद्द करना पड़ा.

कुमार आशीष बिहार युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. लंबे समय से पार्टी में योगदान को देखते हुए 19 फरवरी को पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी, साथ ही प्रियंका गांधी की टीम के साथ काम करने को कहा गया था. लेकिन एक विवाद के कारण कुमार आशीष के राष्ट्रीय राजनीति के प्रवेश द्वार पर ताला लग गया.

दरअसल, कुमार आशीष पर इंजीनियरिंग की परीक्षा में पेपर लीक का मामला दर्ज है. मामला 2005 का है और इस मामले में कुमार आशीष बेल पर हैं. हालांकि इस बीच आशीष बिहार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने. साथ ही पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा. वहीं, कुमार आशीष अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रीय होने की तैयारी कर रहे थे. 

इसके साथ ही यूपी में प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव में सपोर्ट करने के लिए राहुल गांधी टीम तैयार कर रहे थे. पूरे देश से 3 युवा कांग्रेस नेताओं का चयन किया गया. जिसमें बिहार से कुमार आशीष ने भी अपनी जगह बनाई. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 19 फरवरी को लेटर जारी कर इसकी विधिवत घोषणा की. 

कुमार आशीष पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद के काफी करीबी माने जाते हैं. कुमार आशीष के राष्ट्रीय सचिव के तौर पर प्रियंका गांधी की टीम में चयन के बाद बिहार कांग्रेस के कई नेताओं ने उन्हें पत्र जारी कर बधाई भी दी. कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने भी पत्र जारी कर कुमार आशीष को बधाई दिया. राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से कुमार आशीष के चयन को सही ठहराया.

लेकिन कुमार आशीष के पुराने मामले को लेकर उठा सियासी विवाद गहरा गया. एनडीए ने कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर कर दिए. चूंकि मामला प्रियंका गांधी से जुड़ा था इसलिए राहुल गांधी कोई रिस्क नहीं ले सकते थे. आखिरकार कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल ने 20 फरवरी को एक और चिट्ठी जारी कर दी. जिसमें राहुल गांधी के फैसले का जिक्र करते हुए कुमार आशीष के अपॉइंटमेंट को तत्काल रद्द करते हुए सचिन नाईक को कुमार आशीष की जगह नया सचिव नियुक्त किये जाने का जिक्र किया गया है.