बिहार: कोविड टेस्टिंग पर PC मिश्रा ने उठाए सवाल, JDU बोली- 'कांग्रेस खुद बन चुकी है कोरोना'

अजय आलोक ने कहा है कि, कांग्रेस खुद कोरोना बन चुकी है. कांग्रेस अभी 1990 के जमाने में जी रही है. हमारी टेस्ट क्षमता 10 हजार हो चुकी है और सीएम ने इसे बढ़ाकर 15 हजार करने का फैसला लिया है.  

बिहार: कोविड टेस्टिंग पर PC मिश्रा ने उठाए सवाल, JDU बोली- 'कांग्रेस खुद बन चुकी है कोरोना'
प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि जांच को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दावे अलग-अलग हैं. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में कोरोना वायरस (Coronavirus) की हो रही टेंस्टिंग को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने कोरोना जांच को लेकर बिहार सरकार पर हमला किया है. एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि, कोरोना जांच को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (Mangal Pandey) के दावे अलग-अलग हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि, मुख्यमंत्री का दावा एक दिन में 10 हजार हो रहे जांच का है. जबकि, स्वास्थ्य मंत्री का दावा एक दिन में हो 7 हजार जांच होने का है. उन्होंने कहा कि,  जांच का सच क्या है, यह सरकार जनता को बताए. वहीं, जेडीयू ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है.

जेडीयू प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने कहा है कि, कांग्रेस खुद कोरोना वायरस बन चुकी है. कांग्रेस अभी 1990 के जमाने में जी रही है. हमारी टेस्ट क्षमता 10 हजार हो चुकी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर 15 हजार करने का फैसला लिया है.

बता दें कि, इससे पहले रविवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने भी बिहार में हो रही कोरोना जांच पर सवाल उठाए थे.

राबड़ी देवी ने बिहार में कोरोना वायरस की हो रही जांच पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, 'बिहार का बहुचर्चित कोरोना मॉडल विश्व के बाकी देश अपना ले तो एक सेकंड में कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा. ना कोई कोरोना जांच, ना कोई मामला. ना वेंटिलेटर और ना हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता और ऊपर से सबसे कम केस का खिताब. कोई मरता है तो बोल दो, दूसरी बीमारी से मरा है. सिम्पल.'

इसके साथ ही, राबड़ी देवी ने एक पोस्टर भी शेयर किया था. जिसमें लिखा है, 'बिहार में दूसरे राज्यों के मुकाबले कोरोना की टेस्टिंग कम क्यों हो रही है? जवाब दो जनता को, क्या यही तुम्हारा सुशासन है.'