चुनाव आयोग ने बीजेपी और जदयू को दिया झटका, वामदलों को भी दिखाया आइना

चुनाव आयोग ने बीजेपी और जदयू को दिया झटका, वामदलों को भी दिखाया आइना

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को फुटबॉल नहीं बनाएं.

चुनाव आयोग ने बीजेपी और जदयू को दिया झटका, वामदलों को भी दिखाया आइना

नवजीत कुमार, पटना: लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर पटना दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे चुनाव आयोग ने सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और जदयू को झटका है. वहीं विपक्षी पार्टी राजद और वामदलों को भी आइना दिखाया है. इन चारों दलों की जो अहम मांगें थी उसे आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है. आयोग से बीजेपी और जदयू ने मतदाता पर्ची के साथ मतदता पहचान पत्र अनिवार्य करने की मांग थी तो राजद और सीपीआईएम ने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान की मांग. वहीं, डीएम और एसपी को चुनाव आयोग ने अपराधिक हिस्ट्री रखने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव कराने का टास्क दिया है.
 
चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग जायज नहीं है. आयोग ने कहा है कि चुनाव परिणाम बताते हैं कि ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं है. ईवीएम को कोई नहीं छेड़ सकता. ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि राजद और सीपीआई ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है जिसे आयोग खारिज करता है. उन्होंने कहा उदाहरण देते हुए कि X रिजल्ट पर EVM सही और Y रिजल्ट पर EVM खराब की बात सुनने को मिलती है. इस बार का मतदान EVM और VVPAT से ही होगा. ईवीएम को और विकसित करना एक सतत प्रक्रिया है.

EVM को फुटबॉल नहीं बनाये जाने की अपील
सुनील अरोड़ा ने कहा है कि  EVM को और सुधारने की कार्रवाई उच्च स्तर पर चलती रहती है. पिछले 20 सालों यह प्रक्रिया जारी है. उन्होंने EVM को फुटबॉल नहीं बनाये जाने की अपील राजनैतिक दलों से की है. अरोड़ा ने कहा कि EVM में टेम्परिंग मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से मना कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा करना सही नहीं है. आयोग के सिस्टम बहुत कड़ा है.यहां कोई एक अधिकरी या कोई एक कर्मचारी के जिम्मे सबकुछ नही है. यह एक संवैधानिक संस्था है.

बीजेपी की मांग को ठुकराया
चुनाव आयोग ने सत्ताधारी पार्टी जदयू और बीजेपी को भी मांग पर ठेंगा दिखाया है. जदयू और बीजेपी की मांग की थी कि मतदान प्रक्रिया में मतदाता पर्ची से वोट नहीं कराया जाए. इस मतदाता पर्ची से बोगस वोटिंग होती है. जिसे आयोग ने सीरे से खारिज कर दिया है. आयोग का कहना है कि मतदाता पर्ची के साथ-साथ चौदह तरह की मतदाता पहचान पत्र से वोटिंग करने की सुविधा दी गई है. सिर्फ सवाल खड़ा करने से काम नहीं होता. उन्होंने कहा है कि पूर्व की मतदाता पर्ची के मुकाबले इस बार मतदाता पर्ची को बड़ा आकार दिया गया है. पर्ची पर स्पष्ट रुप से वोटरों की तस्वीर दिखाई देंगी.

फेक न्यूज पर सख्त
इधर, चुनाव आयोग ने मतदान को शातिपूर्ण, भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश सभी डीएम और एससपी को दिया है. उन्होंने कहा है कि ईपीक कवरेज को और बढ़ाया जाए. घर घर तक मतदाता पर्ची पहुचाई जाए. चुनाव प्रतिशत बढ़ाने की निर्देश चुनाव आयोग ने दिया है. आयोग फेक न्जूय पर सख्त है. फेक न्यूज मामले में संबंधित एजेंसी पर सीधा एफआईआर दर्ज करने का निर्देश सभी डीएम और एसपी को दिया है.

शराबबंदी पर निगरानी
अरोड़ा ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी है लेकिन, इसे और निगरानी की जरूरत है. धनबल पर भी प्रहार करने का निर्देश चुनाव आयोग ने सभी अफसरों को दिया है .बिहार में सभी बूथों पर VVPAT लगाने का निर्देश दिया है. चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए ऑब्जरवरों को और विस्तार करने का आदेश दिया है.

महिलाकर्मियों को तैनाती
मुख्य चुनाव आयुक्त  ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला कर्मियों को तैनाती पर जोर दिया है. पुलिस बल को महिला दस्ता के रुप दिए जाने का निर्देश चुनाव आयोग ने दिया है. चुनाव आयुक्त ने हर शिकायत पर कार्रवाई करने का निर्देश सभी डीएम और एसपी को दिया.

धनबल नहीं चलेगा
इस बार चुनाव में धनबल नहीं चलेगा. इसके  लिए आयोग ने चुनावी खर्च पर विशेष निगरानी करेगी. आयोग ने पिछले इतिहास को देखते हुए बिहार के सात आठ जिले को चिन्हित किया है जहां पर धनबल की अधिक शिकायतें मिली थीं. चुनाव के पहले से ही आयोग ने अपने अफसरों को इस पर ध्यान देनी की बात कही है.

 

Trending news