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सीमांचल में चल रहा है मानव तस्करी का बड़ा रैकेट, कई 'मुनिया बेटी' हो चुकी है शिकार

एक तरफ सूबे में सरकार धरातल पर 'बेटी बचाओ, बेटो पढाओ' का नारा देकर बाल विवाह पर रोकथाम के लिए कई योजना चला रही है. वहीं, मधेपुरा में धरातल पर इस तरह की सभी योजनाएं धूल फांकती नजर आ रही हैं. 

सीमांचल में चल रहा है मानव तस्करी का बड़ा रैकेट, कई 'मुनिया बेटी' हो चुकी है शिकार
सीमांचल में जारी है मानव तस्करी का बड़ा रैकेट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शंकर कुमार/मधेपुरा : उतर बिहार के कोसी और सीमांचल समेत मधेपुरा में मानव तस्करी का बड़ा रैकेट चल रहा है. गरीबों की बेटी पर मानव तस्कर की पैनी नजर है. शादी के नाम पर लड़कियों की खरीद-फरोख्त होती है और उसे देह व्यपार में धकेल दिया जाता है. स्थानीय अपराधियों के संरक्ष्ण में मानव तस्करी ये बड़ा खेल चल रहा है. इलाके में है दहशत का माहौल व्याप्त है.

एक तरफ सूबे में सरकार धरातल पर 'बेटी बचाओ, बेटो पढाओ' का नारा देकर बाल विवाह पर रोकथाम के लिए कई योजना चला रही है. वहीं, मधेपुरा में धरातल पर इस तरह की सभी योजनाएं धूल फांकती नजर आ रही हैं. यही कारण है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां थमने का नाम नहीं ले रही है.

मधेपुरा जिला में गरीबों की बेटियों पर मानव तस्कर ने अपनी खतरनाक नजरें गरा रखी हैं. इस गोरख धंधे की शुरुआत दलालों के माध्यम से बाल विवाह से होती है. बाद में हरियाणा, पंजाब, उतरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे महानगरों में देह व्यापार को लेकर मोटी रकम के सहारे बेच दी जाती है. ताजा मामला मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर और शंकरपुर थाना क्षेत्र के गिद्धा गांव का है.

दहशत के माहौल के बीच स्थानीय ग्रामीण कैमरे के सामने कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं. इतना ही नहीं पीड़ित लड़की के परिजन भी है कई दिनों से गायब हैं. सोशल मिडिया पर लगातार वायरल हो रही खबर के बाद डीएम नवदीप शुक्ला तत्काल संज्ञान लिया और जिले में चल रहे महिला हेल्पलाइन के अधिकारी को शंकरपुर व सिंघेश्वर थाना क्षेत्र के चम्पानगर गिद्धा गांव रवाना किया. लेकिन गांव पहुंची टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा. डीएम और एसपी ने बिना डरे लोगों से शिकायत करने की अपील की है. 

एक गरीब परिवार के मुखिया ने अपनी नाबालिग बेटी की शादी बगल के ही गांव के रहने वाले अशोक मेहता के कहने पर किया. कुछ दिन पहले उसे अपनी बेटी को गुडगांव में बेचे जाने की जानकारी मिली. इसके बाद उसने अपनी बेटी को किसी तरह मानव तस्कर के चंगुल से बचाकर घर ले आया. हालांकि पीड़ित के परिजन भी इस मामले में कैमरे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.

बताया जाता है कि दलाल अशोक मेहता गांव में कई लड़कियों की शादी इसी तरह से करवा चुका है. इसी गुस्से में बीते 20 जून को ग्रामीणों ने पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई भी कर दी थी. पिटाई के बाद उसे गावं के सरपंच को सौंप दिया गया, जहां वह कई घंटो तक बंधक भी बना रहा. बाद में इलाके के कुछ तथाकथित अपराधी ने दलाल अशोक मेहता सरपंच के चंगुल से छुड़ा ले गए. इस घटना के बाद से पूरा परिवार गांव से गायब है. सरपंच भी मीडिया और प्रशासन के सामने नहीं आना मुनासिब समझ रहा है.

इस बात की जानकारी जब जिला प्रशासन को मिली तो महिला हेल्पलाइन के अधिकारी को घटनास्थल पर रवाना किया. लेकिन कोई भी सामने नहीं आया. अधिकारी सुबह आठ बजे से 12 बजे तक पीड़ित लड़की मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन असफल रहे.

हैरानी की बात तो यह है कि इलाके में गावं के लोग कुछ नहीं बोल रहे हैं. सभी के सभी काफी दहशत में हैं. मानो गांव में किसी बड़े अपराधियों के भय से सन्नाटा पसरा हो. हालांकि कई दिन बाद जब इस घटना की फुटेज सोशल मीडिया में आयी तो बाद डीएम नवदीप शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लिया.

यह कोई नया मामला नहीं है. कुछ महीने पहले उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के सिंगारपुर और मुरलीगंज थाना क्षेत्र के जोरगामा पंचायत में भी दलाल के माध्यम से पहले नाबालिग लड़की की हरियाणा के एक शख्स से शादी करवा दी गई. हालांकि मामले की भनक स्थानीय प्रशासन के मिली और तुरंत युवक और उसके रिश्तेदार को जेल भेज दिया गया.