बिहार: इन 4 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, तटबंधों पर है निगरानी, अलर्ट पर NDRF-SDRF

जिले में अवस्थित 84 किलोमीटर लंबे बांध की निगरानी हेतु 24x7 दंडाधिकारियों एवं अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की है, जो दिन-रात बांध की पहरेदारी कर रहे हैं. छोटे-छोटे रिसावों को अविलंब दुरूस्त कर उन्हें सुरक्षित बनाया गया है. 

बिहार: इन 4 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, तटबंधों पर है निगरानी, अलर्ट पर NDRF-SDRF
बिहार: इन 4 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, तटबंधों पर है निगरानी, अलर्ट पर NDRF-SDRF.

मुजफ्फरपुर: नेपाल के तराई क्षेत्र में एवं उत्तर बिहार के कई जिलों में लगातार हो रही वर्षापात के कारण उत्तर बिहार से होकर बहने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज एवं दरभंगा में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुो गई है. 

चार जिलों में बाढ़ से मचा है हाहाकार
इसके कारण पूर्वी चम्पारण के चार प्रखण्डों की 25 पंचायतों में 30,062 लोग आंशिक रूप से प्रभावित हैं. पश्चिमी चम्पारण में चार प्रखण्डों की 15 पंचायतों में 95,000 लोग आंशिक रूप से प्रभावित हैं. वहीं गोपालगंज जिले में 5 प्रखण्डों की 19 पंचायतों में 28,376 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि दरभंगा में 7 प्रखण्डों की 80 पंचायतों में लगभग 3 लाख की जनसंख्या प्रभावित है. 

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में लगा हुआ है. जिलों के सभी वरीय अधिकारी दिन-रात राहत कार्य में लगे हुए हैं. पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी बगहा में 4 लाख 40 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज किया गया जिसके बाद जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया और जिलाधिकारी ने अभियंताओं के संग सभी तटबंधों का मुआयना किया है.

तटबंधों की लगातार हो रही है मॉनिटरिंग
इसके अलावा माइकिंग के जरिए लोगों को सचेत कर उन्हें सुरक्षित चिह्नित स्थानों पर पहुंचाया गया. एनडीआरएफ ने बोट के माध्यम से भी माइकिंग करायी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. तटबंधों के निकट अभियंताओं की टीम बनाकर 190 होमगार्डों की तैनाती की गई और उनकी तरफ से लगातार तटबंधों की पेट्रोलिंग की जा रही है. 

पेट्रोलिंग की वजह से कई जगहों पर छोटे-मोटे रिसाव की आपातकालीन तरीके से मरम्मत की गई है. 400 लोगों को निष्क्रमित कर मध्य विद्यालय बगहा में रखा गया है. वहां सामुदायिक किचेन के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को भोजन कराया जा रहा है. बेतिया-नरकटियागंज मार्ग में चनपटिया के पास सिकहरना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण पानी सड़क पर ओवरटॉप कर रहा है.

NDRF-SDRF की टीमों ने संभाल रखा है मोर्चा
जिला प्रशासन पूर्वी चम्पारण प्रभावित लोगों की मदद के लिये पूरी तरह तत्पर है. प्रभावित लोगों के लिये 12 सामुदायिक रसोई चला रहा है, जिसमें 12,234 लोग प्रतिदिन भोजन कर रहे हैं. लोगों के आवागमन में कठिनाई न हो, इसके लिये 49 नाव उपलब्ध कराए गए हैं. 

प्रभावित लोगों के बीच 240 पॉलिथिन शीट्स वितरित किए गए हैं. लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. सामुदायिक किचेन के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का पालन अनिवार्य रूप से किया जा रहा है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की 02 टीमें तैनात हैं, जो 24x7 स्थिति पर निगरानी रख रही है.

दिन रात बांध की पहरेदारी में लगे हैं अभियंता
ठीक वैसे ही जिलाधिकारी गोपालगंज ने जिले में अवस्थित 84 किलोमीटर लंबे बांध की निगरानी हेतु 24x7 दंडाधिकारियों एवं अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की है, जो दिन-रात बांध की पहरेदारी कर रहे हैं. छोटे-छोटे रिसावों को अविलंब दुरूस्त कर उन्हें सुरक्षित बनाया गया है. 

जिला प्रशासन की यह कोशिश है कि हर हाल में बांध सुरक्षित रहे ताकि बाढ़ की विभीषिका का सामना नहीं करना पड़े. बांध के अंदर रह रहे 9,500 लोगो को निष्क्रमित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इनके लिये 3 राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है. 13 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं, जिसमें प्रतिदिन 14,822 लोग भोजन कर रहे हैं. 03 हजार प्रभावित लोगों को पॉलिथिन शीट्स उपलब्ध कराए गए हैं.

बाढ़ में पशुओं के लिए भी की जा रही है व्यवस्था
दरअसल, बाढ़ से न सिर्फ इंसान बल्कि पशु भी प्रभावित हुए हैं. 100 से अधिक पशुओं के लिये पशुपालकों को 20 क्विंटल से अधिक पशुचारा उपलब्ध करा दिया गया है. एनडीआरएफ की 3 टीमें यहां तैनात की गई हैं, जो 24x7 स्थिति पर निगरानी रख रही है. 

दरभंगा में 98 सामुदायिक रसोई में 15 हजार से अधिक लोगों की व्यवस्था
वही जिला प्रशासन दरभंगा प्रभावित लोगों की मदद के लिये 98 सामुदायिक रसोई चला रहा है, जिसमें 15,586 लोग प्रतिदिन भोजन कर रहे हैं. प्रभावित लोगों के बीच 2,217 पॉलिथिन शीट्स वितरित किए गए हैं. 160 नावों की भी व्यवस्था की गई है.
 
पशुओं के लिये भी चारे का पर्याप्त इंतजाम किया गया है और अब तक 100 क्विंटल पशु चारे का वितरण किया जा चुका है. लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. सामुदायिक किचेन के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का पालन अनिवार्य रूप से किया जा रहा है. 

जिले के सभी वरीय पदाधिकारी दिन-रात कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की 3 टीमें तैनात हैं, जो 24x7 स्थिति पर निगरानी रख रही है.