झारखंड चुनाव: 19 साल से चला आ रहा है सिलसिला, रघुवर दास भी नहीं बचा पाए अपना किला

झारखंड में मुख्यमंत्रियों के नाम एक दिलचस्प रिकॉर्ड रहा है कि कोई भी सीएम आज तक विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाया है. इस बार भी ऐसा ही हुआ. रघुवर दास को निर्दलीय उम्मीदवार सरयू राय ने हरा दिया है.

झारखंड चुनाव: 19 साल से चला आ रहा है सिलसिला, रघुवर दास भी नहीं बचा पाए अपना किला
रघुवर दास भी नहीं बचा पाए अपना किला.

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के रुझाने जैसे ही सुबह आने शुरू हुए. उसी समय से महागठबंधन को बढ़त मिलनी शुरू हो गई थी. हालांकि, कुछ मौकों पर बीजेपी कड़ी टक्कर देती हुई दिखी, लेकिन, शाम होते-होते ये साफ हो गया है कि हेमंत सोरेने के नेतृत्व वाली सरकार दोबारा राज्य में बनने जा रही है.

इस बीच लोगों की निगाह एक और आंकड़े पर थी कि क्या सीएम रघुवर दास अपनी सीट बचा पाएंगे. क्योंकि पिछले 19 साल से यह रिकॉर्ड रहा है कि, कोई भी सीटिंग सीएम अपनी सीट नहीं बचा पाया है.

इस बार के विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ. रघुवर दास कभी अपनी ही पार्टी में रहे सरयू राय के द्वारा चुनाव हार गए. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे सरयू राय ने रघुवर दास को हरा दिया. 

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बता दें कि झारखंड की स्थापना हुए 19 साल बीत चुके हैं. इन 19 सालों में झारखंड में तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. 2005, 2009, 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, मधू कोड़ा, हेमंत सोरेन और रघुवर दास सीएम की कुर्सी पर बैठ चुके हैं. 

2014 में चार पूर्व सीएम को मिली थी हार
हर बार हुए विधानसभा चुनाव में एक ट्रेंड जो देखने को मिला है वो ये है कि सभी सीएम को विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली है. 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजे और भी अधिक शॉकिंग था. इस चुनाव में चार पूर्व सीएम को करारी हार का सामना करना पड़ा. 

पहली बार पूरा हुआ पांच साल का कार्यकाल
साथ ही आपको बता दें कि रघुवर दास झारखंड के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है. साथ ही रघुवर दास पिछले छह बार से जमशेदपुर पूर्वी से रिकॉर्ड जीत दर्ज करते आ रहे हैं. इस बार जमशेदपुर पूर्वी से रघुवर दास को उनके ही सरकार में मंत्री रहे सरयू राय ने टक्कर दी है.