क्या नीतीश कुमार एक बार फिर कुंदन कृष्णन के सहारे करेंगे बिहार में 'क्राइम कंट्रोल'?

क्या नीतीश कुमार एक बार फिर कुंदन कृष्णन के सहारे करेंगे बिहार में 'क्राइम कंट्रोल'?

नीतीश कुमार ने जब बिहार की गद्दी संभाली थी तो उन्होंने तेज तर्रार आईपीएस कुंदन कृष्णन को पटना का एसएसपी बनाया था.

क्या नीतीश कुमार एक बार फिर कुंदन कृष्णन के सहारे करेंगे बिहार में 'क्राइम कंट्रोल'?

नई दिल्लीः बिहार में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर नीतीश कुमार ने शायद अब फिर से कमर कस ली है. चुनाव नजदीक है और जिस तरह से अपराध बेलगाम होते जा रही है तो अब नीतीश कुमार भी एक्शन मोड में नजर आने लगे हैं. उन्होंने बिहार पुलिस में अहम फेरबदल कर फिर से एक्शन मोड में दिख रहे हैं. नीतीश कुमार ने जब बिहार की गद्दी संभाली थी तो उन्होंने तेज तर्रार आईपीएस कुंदन कृष्णन को पटना का एसएसपी बनाया था. जिसके बाद क्राइम कंट्रोल का काम शुरू किया गया था.

नीतीश कुमार एक बार फिर शायद कुंदन कृष्णन के सहारे ही बिहार में क्राइम कंट्रोल करना चाहते हैं. नीतीश सरकार ने नए साल में अहम फेरबदल कर कुंदन कृष्णन को बिहार पुलिस में एडीजी (मुख्यालय) नियुक्त किया है. यह डीजीपी के बाद सबसे महत्वपूर्ण पोस्टिंग है.

कौन है कुंदन कृष्णन
कुंदन कृष्णन 1994 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस हैं. वह बिहार के नालंदा के रहने वाले हैं. कुंदन कृष्णन अपने तेज तर्रार पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं. उनका नाम सामने आने के बाद अपराधियों के पांव फूल जाते हैं. बिहार में नीतीश कुमार के सीएम बनने से पहले राष्ट्रपति शासन में कुंदन कृष्णन को पटना का एसएसपी नियुक्त किया गया था. तभी वह एक्शन मोड में थे. उनके नाम से अपराधी खौफ खाते थे.

क्राइम कंट्रोल में कृष्णन का अहम रोल
नीतीश कुमार के सीएम पद पर बैठने के बाद क्राइम कंट्रोल के अहम रोल में कुंदन कृष्णन का नाम आता है. नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद उनका पहला मैंडेट लॉ एंड ऑर्डर सुधारना था. वहीं, कृष्णन पहले से ही एक्शन मोड में थे. उन्होंने एक के बाद एक बड़े अपराधियों और मोस्ट वांटेड क्रिमिनल्स को शिकंजे में लिया. माना जाता है कि क्रिमिनल्स को तलाशने में कृष्णन के पास मजबूत नेटवर्क है.

शानदार रिजल्ट के बाद भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति
कुंदन कृष्णन के बेहतर रिजल्ट के बाद भी उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की गई. पहले उन्हें एसएसपी से भागलपुर डीआईजी बनाया गया. बाद में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद आईबी में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी. हालांकि उन्होंने छत्तिसगढ़ में भी नक्सलियों के गढ़ में बेमिसाल काम किया. हालांकि पांच साल काम करने के बाद उन्हें फिर से बिहार पुलिस में बुलाया गया. हालांकि उन्हें एसटीएफ में आईजी पद पर तैनात किया गया. लेकिन फिर भी वह कई ऑपरेशन करते रहे.

बहरहाल, कुंदन कृष्ण सीधे तौर पर फिर से बिहार पुलिस से जुड़ गए हैं. उन्हें बिहार पुलिस में एडीजी (मुख्यालय) नियुक्त किया गया है. माना जा रहा है कि अब एक बार फिर कुंदन कृष्णन क्राइम कंट्रोल में अहम भूमिका निभा सकते हैं. देखना यह है कि नीतीश सरकार क्राइम कंट्रोल पर शिकंजा कस में सफल हो पाती है या नहीं. 

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