close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बिहार: सवर्ण आरक्षण पर विपक्ष ने मारा ताना, कहा- 'यह मोदी सरकार का एक और जुमला'

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने पर केन्द्रीय कैबिनेट ने मुहर लगा दी. केन्द्र सरकार के इस फैसले के बाद बिहार कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा.

 बिहार: सवर्ण आरक्षण पर विपक्ष ने मारा ताना, कहा- 'यह मोदी सरकार का एक और जुमला'
प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार जनता को बरगलाने काम कर रही है. (फाइल फोटो)

धीरज ठाकुर, पटना: सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने पर केन्द्रीय कैबिनेट ने मुहर लगा दी. केन्द्र सरकार के इस फैसले के बाद बिहार कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. पार्टी वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने फिर एक बार बीजेपी को जुमलापार्टी कहा. प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार जनता को बरगलाने काम कर रही है. 

चुनावी साल में बीजेपी सरकार ने जनता के सामने नया जुमला पेश किया है. वहीं तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 लाख रुपए और हर साल 2 करोड़ नौजवानों को नौकरी तो दिए नहीं अब 10 फीसदी आरक्षण की बात कर रही है. तेजस्वी यादव ने कहा अध्ययन करने के बाद टिप्पणी करूगां. 

बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि केन्द्र सरकार चुनाव नजदीक आते ही लोक लुभावन फैसले लेने लगी है. सरकार फिर एक बार झूठ बोल रही है. वहीं जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि ये फैसला ऐतिहासिक है. बीजेपी ने केन्द्र सरका के फैसले का स्वागत किया है. 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर ने भी कहा कि गरीब सवर्णों आरक्षण मिलना चाहिए. उन्होंने ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए. बिहार बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वाजिब फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि संसद में भी इस प्रस्ताव पर सहमति बनने की उम्मीद है. लोक जनशक्ति पार्टी ने भी केन्द्र सरकार के फैसलने का स्वागत किया है. 

केन्द्र सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला तो कर लिया लेकिन देखना होगा कि इसे लागू किस तरीके से करती है. पिछले साल जब सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट में बदलाव करने का आदेश दिया था तब देशभर में दलितों ने काफी प्रदर्शन किया था. इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था. ऐसा माना जा रहा था कि मोदी सरकार के इस फैसले से सवर्ण काफी नाराज हो गए, दलितों के बंद के बाद सवर्णों ने भी भारत बंद का आह्वान किया था.