ललन सिंह के अध्यक्ष बनने पर CM नीतीश बोले-JDU में हर जाति-धर्म के लोगों की बराबर भागेदारी

जदयू पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होना है, उसपर पार्टी के नेता विचार कर रहे हैं. 

ललन सिंह के अध्यक्ष बनने पर CM नीतीश बोले-JDU में हर जाति-धर्म के लोगों की बराबर भागेदारी
सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

Patna: जनता दल यूनाइडेट (JDU) के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh) बनाए गए हैं. शनिवार को दिल्ली में जेडीयू की कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री आरसीपीसी सिंह (Rcp Singh) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है.

नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होना है, उसपर पार्टी के नेता विचार कर रहे हैं. जल्द ही पार्टी नेता इस बारे में फैसले लेंगे. इसके बाद जातीय जनगणना के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि आज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, इससे पहले ही पार्टी के पदाधिकारियों ने इस मामले में चर्चा की है. इसको लेकर पार्टी बैठक में भी एक प्रस्ताव तैयार कर रखा गया है. 

उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना राष्ट्रहित में जरूरी है. काफी समय से इस बात की मांग हो रही है, इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए. सवर्ण समुदाय से अध्यक्ष चुने जाने के मामले में सीएम ने कहा कि हमारी पार्टी में हर धर्म व समुदाय के लोगों को जगह मिली है. यह सिर्फ कहने की बात है कि जदयू में किसी एक जाति या दो जाति बल्कि मैं तो कहता हूं कि जदयू में समाज के हर वर्ग के लोगों की भागेदारी है. 

बता दें कि आज दिल्ली में होने वाली बैठक में ललन सिंह के नाम का प्रस्ताव लेकर आरसीपी सिंह आए और फिर आम सहमति से सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए. इसके बाद सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई है. कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के सभी सांसद और करीब दो दर्जन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए. 

पार्टी में अध्यक्ष पद की रेस में राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा था. ललन सिंह सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं. पिछले साल दिसंबर महीने में ही पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर आरसीपी सिंह को बिठाया था.

पार्टी की ओर से उनको शीर्ष नेतृत्व का दर्जा दिया गया था लेकिन हाल ही में केंद्रीय मंत्री बनाए गए हैं. मंत्री बनने के बाद वह पार्टी के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, ऐसे में पार्टी को एक बार फिर नए अध्यक्ष की तलाश करनी पड़ी है.