दुमका: संथाल परगना में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस तैयार,नहीं चाहती 2014 जैसी घटना

 इस बार का लोकसभा चुनाव दुमका जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि पिछले दो लोकसभा चुनाव में नक्सलियों ने दो बड़ी घटना को अंजाम दिया है. 

दुमका: संथाल परगना में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस तैयार,नहीं चाहती 2014 जैसी घटना
इस बार का लोकसभा चुनाव दुमका जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है.

दुमका: 19 मई को चुनाव होना है और झारखंड के संथाल परगना का अधिकतर क्षेत्र नक्सल प्रभावित है. इस बार का लोकसभा चुनाव दुमका जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि पिछले दो लोकसभा चुनाव में नक्सलियों ने दो बड़ी घटना को अंजाम दिया है. 24 अप्रेल 2014 को दुमका जिला के शिकारीपाड़ा प्रखंड के सरसाजोल गांव के पास वोट कराकर लोट रही पोलीनिंग पार्टी के बस को नक्सलियों ने बम बलास्ट कर 9 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और कई लोग उसमे घायल हुए थे जिसमें पुलिस जवान सवार थे.

ऐसे में इस बार लोकसभा चुनाव दुमका जिला प्रसाशन के लिए एक बड़ी चुनौती है. साथ हीं इस घटना के बाद भी इस इलाके के लोग बिना डरे लोकतंत्र के उस महापर्व में शामिल होने को लेकर काफी उत्साहित हैं. दुमका जिला का अधिकतर इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्र है जहां नक्सलियों ने कई बड़े घटनाओं को अंजाम दिया है. 

 

इस बार दुमका लोकसभा में अंतिम चरण में 19 मई को चुनाव होने जा रहा है और जिला प्रशासन इसे लेकर पूरी तैयारियां कर रही है. पुलिस ने चुनाव के पहले नक्सलियों द्वारा बनाए गए रणनीति को विफल किया है. दुमका पुलिस ने दुमका जिला के शिकारीपाड़ा ,काठीकुंड और गोपीकांदर प्रखंड क्षेत्र के जंगलों से भारी मात्रा में केन बम सहित हजारों राउंड गोली के साथ साथ एक्सक्लूसिव वायर भी बरामद कर चुकी है.

इतना ही नहीं पुलिस ने वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान घटना को अंजाम देने वाले हार्डकोर जोनल कमांडर ताला दा को भी इनकॉउंटर में मारने में सफल रही है और साथ ही कई नक्सलियों को आत्मसमर्पण भी कराया है. अब इन इलाकों में लोग बिना डर भय के रह रहे हैं और इस बार के चुनाव में बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे.

दुमका लोकसभा चुनाव को लेकर नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीण इस बार काफी उत्साहित हैं और इस बार के चुनाव में वह पुरे उत्साह के साथ वोट करना चाहते हैं.