पोस्टर वार में कूदी JDU, 2020 चुनाव बना RJD बनाम JDU के 15 साल की लड़ाई

जेडीयू ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किया है, जिसमें 15 साल बनाम 15 साल लिखा गया है. एक 15 साल को आरजेडी कार्यकाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें 'गिद्घ' की तस्वीर लगाई गई है, जबकि दूसरी तरफ नीतीश कार्यकाल की ओर 'कबूतर' की तस्वीर लगाई गई है, जिसको भय बनाम भरोसा के रूप में दिखाया गया है.  

पोस्टर वार में कूदी JDU, 2020 चुनाव बना RJD बनाम JDU के 15 साल की लड़ाई
ठंड के मौसम में भी बिहार की सियासत 'पोस्टर' को लेकर गरमा गई है.

पटना: बिहार की राजधानी पटना के कई क्षेत्रों में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लापता होने के पोस्टर लगाए जाने के बाद बुधवार को सत्ताधारी पार्टी जनता दल (युनाइटेड) ने भी एक पोस्टर जारी किया है. इसके बाद इस ठंड के मौसम में भी बिहार की सियासत 'पोस्टर' को लेकर गरमा गई है. 

जेडीयू ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किया है, जिसमें 15 साल बनाम 15 साल लिखा गया है. एक 15 साल को आरजेडी कार्यकाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें 'गिद्ध' की तस्वीर लगाई गई है, जबकि दूसरी तरफ नीतीश कार्यकाल की ओर 'कबूतर' की तस्वीर लगाई गई है, जिसको भय बनाम भरोसा के रूप में दिखाया गया है.

जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह इस पोस्टर के संबंध में कहते हैं, "15 साल पति-पत्नी (लालू प्रसाद और राबड़ी देवी) का शासनकाल था, जहां गिद्घ के रूप में चारों तरफ भय ही था. वहीं नीतीश सरकार का 15 साल का शासनकाल विकास और शांति का रहा."

उन्होंने कहा कि कहावत है कि जहां गिद्घ बैठ जाता है, वहां सब कुछ उजड़ जाता है. आरजेडी के विधायक भाई विरेंद्र कहते हैं कि "अब जेडीयू कब तक पोस्टर से भागेगी. यहां की जनता ने तय कर लिया है कि अब भय वाली सरकार को हटाया जाएगा. अब ऐसी सरकार नहीं चाहिए, जहां लड़कियों को दिन में जला दिया जा रहा है. लड़कियों की इज्जत लूट ली जा रही है और सरकार मूकदर्शक बनी है."

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह भी इस बयानबाजी में कूद पड़े हैं. उन्होंने कहा, "अब कबूतर और गिद्घ से बात आगे निकल गई है. आज तो 'बाज' की स्थिति बन गई है. जहां केवल लूट मचा है. नीतीश कुमार का पहले पांच साल का कार्यकाल सच में कबूतर की तरह था, परंतु अब तो स्थिति बाज की हो गई है."

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को पटना के वीरचंद पटेल और हवाईअड्डा मार्ग के किनारे कई तरह के पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश के लापता होने की जानकारी देते हुए कई संदेश लिखे हुए थे. बहरहाल, बिहार में पोस्टर पर सियासत गर्म है, और अब देखना है कि अगला पोस्टर कब और कहां देखने को मिलता है.