पुलवामा आतंकी हमला: बिहार-झारखंड के तीन सपूत हुए शहीद, गम और गु्स्से में परिवार

रतन सिंह के पिता ने इस आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान का नामो निशान मिटाने की मांग सरकार से की है. बेटे की शहादत की खबर से रतन ठाकुर के पिता की आंखें डबडबा गईं. 

पुलवामा आतंकी हमला: बिहार-झारखंड के तीन सपूत हुए शहीद, गम और गु्स्से में परिवार
इस घटना से शहीद के परिवारों में कोहराम मच गया है और सभी चाहते हैं कि देश इसका मुंहतोड़ जवाब दे.

पटना/रांची: जम्मू कश्मीर के पुलवामा के अवंतिपोरा में हुए आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हुए हैं. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस आतंकी हमले में बिहार और झारखंड के तीन सपूत शहीद हुए हैं. 

झारखंड के गुमला के बसिया के फरसमा गांव के निवासी विजय सोरेंग इस हमले में शहीद हो गए. वो अपने पीछे दो बच्चे और तीन बच्चियां छोड़ गए हैं. एक फरवरी को विजय सोरेंग अपने घर छुट्टी पर आए थे. रांची के DIG होमकर ने इस बात की जानकारी दी है. 

 

बिहार के मसौढ़ी के संजय कुमार सिन्हा भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं. उनकी उम्र 45 वर्ष थी. संजय कुमार सिन्हा 8 फरवरी को घर आए थे और 15 दिन बाद वो अपनी बेटी की शादी के लिए फिर से घर आने वाले थे. संजय कुमार सिन्हा के परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में सन्नाटा पसर गया है.

बिहार के भागलपुर के रतन कुमार ठाकुर शहीद हो गए. रतन कुमार ठाकुर 2011 के बैच के 45 बटालियन में कॉन्सेटेबल के पद पर तैनात थे. रतन कुमार की पत्नी मां बनने वाली हैं और इसलिए उन्हें अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है. 

रतन सिंह के पिता ने इस आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान का नामो निशान मिटाने की मांग सरकार से की है. बेटे की शहादत की खबर से रतन ठाकुर के पिता की आंखें डबडबा गईं. उनका कहना है कि हमने भारत मां की सेवा में अपने एक बेटा खोया है. मैं अपने दूसरे बेटे को भी देश की रक्षा के लिए भेजूंगा. मैं मां भारती की चरणों में अपने दूसरे बेटे को समर्पित करने के लिए तैयार हूं, लेकिन इस नापाक हरकत के लिए पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब मिलनी चाहिए.

 

भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने कहा है कि रतन और उनके परिवार से हमारे अच्छे संबंध हैं. आज शाम जाकर मैं खुद रतन के परिजनों से मिलूंगा. शहीद जवानों की शहादत की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है.  
गुरुवार को हुए इस हमले में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 44 से ज्यादा जवान शहीद हो गए. कई अन्य घायल हुए हैं. जैश के एक आत्मघाती हमलावर ने पुलवामा जिले में सीआरपीएफ की एक बस में विस्फोटक लदे वाहन से टक्कर मार दिया. जिससे हुए विस्फोट में जवान शहीद हुए हैं.