रांची: RIMS में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मामला उलझा, रिम्स व T&M कंपनी आमने-सामने

Ranchi News: RIMS के विभिन्न विभागों में तैनात कर्मियों को अब तक सैलरी तक नसीब नहीं हुई है. ऊपर से कर्मियों को अब हटाने का भी आदेश जारी कर दिया गया है.  

रांची: RIMS में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मामला उलझा, रिम्स व T&M कंपनी आमने-सामने
RIMS में आउटसोर्सिंग कर्मचारी का मामला उलझा (फाइल फोटो)

Ranchi: RIMS में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का मामला अब RIMS और T&M कंपनी के बीच उलझता दिख रहा है. इसका खामियाजा रिम्स में कोविड-19 काल के दौरान तैनात किए गए कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है. RIMS के विभिन्न विभागों में तैनात कर्मियों को अब तक सैलरी तक नसीब नहीं हुई है. ऊपर से कर्मियों को अब हटाने का भी आदेश जारी कर दिया गया है.

ऐसे में इन कर्मियों की सैलरी की जिम्मेदारी ना तो RIMS प्रबंधन उठा रहा है, ना ही T&M सर्विसेज कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, लिहाजा मंगलवार को भी RIMS में आउटसोर्सिंग कर्मियों का हंगामा जारी रहा. जिसे देखते हुए RIMS में रैप के जवानों की तैनाती कर दी गई.
 
दरअसल, आउटसोर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति T&M सर्विसेज कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी. कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स अधिकारी अभय तिवारी का कहना है कि उन्हें NHRM के तरफ से वर्क आर्डर मिला था. जिसके तहत RIMS में करीब 1260 मैन पावर देना था, जिनमें कई सारे पोस्ट थे. आनन-फानन में कंपनी की ओर से लोगों नियुक्ति की गयी क्योंकि उस वक्त कोरोना पीक आवर में था. कई अधिकारियों के देखरेख में कंपनी ने 7 दिनों के अंदर 858 कर्मचारी RIMS को दिए. जिनमें से अब कुछ लोगों को निकाल दिया गया है. 

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अभय तिवारी के मुताबिक RIMS प्रबंधन कर्मचारियों को निकालने के पीछे ये तर्क दे रहा है कि, ये लोग 11 तारीख के बाद आए हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से नियुक्ति की सारी प्रक्रिया 11 तारीख से पहले कर दी गई थी, लेकिन वैक्सीनेशन की समस्या के चलते कुछ कर्मचारियों की ज्वाइनिंग में देरी हुई. जिसे लेकर अब RIMS प्रबंधन मान नहीं रहा है.
 
अभय तिवारी ने कहा की जहां तक सैलरी की बात है तो कंपनी की जिम्मेदारी सिर्फ रिक्रूटमेंट करने की है, सैलरी की नहीं.  सैलरी RIMS प्रबंधन को ही देना होगा. वहीं, RIMS के जनसंपर्क अधिकारी डॉ डीके सिंह का कहना है कि जिन शर्तों के साथ कर्मचारियों को रखा गया था, उन शर्तों को पूरा नहीं किया गया, लिहाजा RIMS की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है, इसकी पूरी जिम्मेदारी नियुक्ति करने वाली कंपनी की है.
 
इस सबके बीच आउटसोर्सिंग कर्मियों पीस रहे हैं. इनका कहना है की कोरोना के पीक आवर में उन लोगों ने जान हथेली पर रखकर लोगों की सेवा की, और अब हमारे साथ ही गलत सलूक हो रहा है.