बंगले के विवाद को लेकर बढ़ सकती है तेजस्वी यादव की मुश्किलें, होगी खर्च की जांच

सरकार 5 देशरत्न मार्ग के बंगले की सजावट पर हुए खर्च का आकलन करवा रही है. किसके आदेश पर बंगले को सेवन स्टार होटल जैसा बनाया गया है इसका पता भी लगाया जा रहा है.

बंगले के विवाद को लेकर बढ़ सकती है तेजस्वी यादव की मुश्किलें, होगी खर्च की जांच
सरकार 5 देशरत्न मार्ग के बंगले की सजावट पर हुये खर्च का आकलन करवा रही है.

पटना: बंगला विवाद को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सरकार 5 देशरत्न मार्ग के बंगले की सजावट पर हुए खर्च का आकलन करवा रही है. किसके आदेश पर बंगले को सेवन स्टार होटल जैसा बनाया गया है इसका पता भी लगाया जा रहा है. भवन निर्माण मंत्री माहेश्वर हजारी का कहना है कि मुझे कल बंगले की साज-सजावट के बारे में जानकारी मिली है. अब जांच की जा रही है. 

उन्होंने कहा कि कमेटी के जरिए जांच कराई जाएगी, क्योंकि कोई भी मंत्री बंगले की साज-सज्जा पर अधिकतम तीन लाख खर्च कर सकता था, जब तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम थे तब तक यही राशि थी लेकिन अब ये राशि 5 लाख की गई है. 

भवन निर्माण मंत्री ने कहा कि तीन लाख से ज्यादा की राशि बंगले पर किस मद से खर्च की गयी है. इसके लिए किसकी ओर से आदेश जारी किये गए हैं. जांच के दौरान इसका पता लगाया जायेगा और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों ने ऐसा किया होगा, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.

अगर किसी दूसरे विभाग की ओर से खर्च किया गया होगा, तो उसके बारे में पता लगा कर कार्रवाई की जायेगी. एक सवाल के जवाब में भवन निर्माण मंत्री ने कहा कि अगर तीन लाख से ज्यादा जितनी में राशि लगी है, वो तेजस्वी यादव ने खर्च की होगी, तो उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते, लेकिन अगर तेजस्वी यादव ने खुद के खर्च से बंगले को संवारा होता, तो वो साज-सज्जा का सामान साथ ले गए होते. 

इस सवाल पर भवन निर्माण मंत्री ने कहा कि जांच में सब चीजें सामने आ जाएंगी. उन्होंने कहा कि ज्यादा खर्च करने की फाइल पर अगर तेजस्वी यादव ने हस्ताक्षर किए होंगे, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ेगी, तो एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा. 

इधर, आरजेडी ने तेजस्वी यादव के बंगले के बहाने सभी बंगलों पर हुए खर्च की जांच कराने की मांग कर दी है. पार्टी के प्रवक्ता और विधायक शक्ति यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव ने बंगला खाली करते समय मिसाल पेश की है. वो सब सामान वैसी ही छोड़ कर गए हैं. 

ये सरकारी संपत्ति है. अगर सरकार की ओर से बंगले के खर्च पर सवाल उठाया जा रहा है, तो तेजस्वी यादव कोई अपने साथ सामान तो लेकर नहीं गए हैं. उन्होंने रहने के लिए बंगला बनवाया था. अगर जांच की बात हो रही है, तो एक अणे मार्ग, सात सर्कुलर रोड और डिप्टी सीएम के बंगले पर हुये खर्च की भी जांच होनी चाहिए, तब दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा. 

आरजेडी विधायक रामानुज प्रसाद ने भी बंगला विवाद में तेजस्वी यादव को खींचे जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि अगर जांच की बात हो रही है, तो सभी बंगलों की जांच होनी चाहिए. मुख्यमंत्री आवास पर लगे पेड़ों पर कितना खर्च किया गया है, इसको भी सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की छवि को दागदार करने के लिए ऐसा किया जा रहा है, लेकिन इसका जवाब जांच से मिल जाएगा. 

इधर, जेडीयू नेता उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि खुद को गरीब का हितैषी कहनेवाले किस तरह से रहते थे, ये सामने आ चुका है. अगर ऐसी सुख-सुविधाएं रखनी हैं, तो फिर गरीब की दुहाई क्यों देते हैं. ये बंगला भोग के लिए बनाया गया था, जबकि नेताओं को त्याग करना चाहिये.

वहीं, राजगीर से जेडीयू के विधायक रवि ज्योति ने तेजस्वी के बंगले पर कोई भी कमेंट करने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ये नेता के ऊपर निर्भर करता है, वो किस तरह से आवास में रहना चाहता है.