Manish Sisodia Arrestedदिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में सीबीआई ने 8 घंटे की पूछताछ के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सुबह करीब 11.30 से शुरू हुई पूछताछ कई घंटों तक चली और इसके बाद आखिरकार जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.  


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

इससे पहले जब सिसोदिया सीबीआई दफ्तर पहुंचे तो उनके समर्थकों ने आप कार्यकर्ता सीबीआई दफ्तर के पास सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं. आप सांसद संजय सिंह समेत कई पार्टी नेताओं ने जमकर नारेबाजी की.


 


इस दौरान दिल्ली पुलिस ने पहले हिदायत दी कि 10 मिनट के अंदर वो सड़क को खाली कर दें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद आप कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर डटे रहे. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया. जिन विधायकों ने बात नहीं मानी, उन्हें पुलिस जबरन टांगकर अपने साथ ले गई.


ये भी पढ़ें : AAP विधायक प्रवीण कुमार बोले मोदी के खिलाफ बोलना मतलब सलाखों के पीछे जाना 


पार्टी का आरोप है कि BJP खुलेआम लोकतंत्र का गला घोंट रही है. जनता के प्रतिनिधियों की अभिव्यक्ति की आजादी को छीनने के लिए BJP की पुलिस ने आप विधायक प्रवीण कुमार को मीडिया के सामने अपनी बात रखते समय ही हिरासत में ले लिया.  


जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही BJP


एमसीडी मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि अगर मनीष सिसोदिया ने 10,000 करोड़ की रिश्वत ली है तो आखिरकार वह पैसा कहां है. केंद्र सरकार की जांच एजेंसी वह पैसा क्यों नहीं ढूंढ़ पा रही है. ज़ी मीडिया से खास बातचीत के दौरान एमसीडी मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि सीबीआई पहले भी मनीष सिसोदिया से पूछताछ कर चुकी है उसे कुछ हासिल नहीं हुआ और आज भी उसे कुछ हासिल नहीं मिलेगा. हम लोग लगातार यहां पर डटे हुए हैं और देश की जनता को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी कैसे जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.


सिसोदिया ने लिए 10 हजार करोड़ तो पैसा है कहां?


विपक्ष जो आरोप लगा रहा है कि मनीष सिसोदिया सीबीआई के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं वह आरोप बेबुनियाद है. वह पहले भी जांच में सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. शैली ओबेरॉय ने सवाल दागा कि  बीजेपी बताए कि अगर 10000 करोड़ की रिश्वत मनीष सिसोदिया ने ली है तो वह पैसा कहां गया. आखिरकार जांच एजेंसियों ने उस पैसे को अब तक क्यों नहीं बरामद किया. अगर उस पैसे को मनीष सिसोदिया ने कहीं खर्च किया है तो उसका सबूत लाएं. या कहीं छुपाया है तो वहां से ढूंढकर लाएं। उन्होंने कहा, ये सारे आरोप झूठे हैं, इसीलिए उन्हें 10000 करोड़ रुपये मिल नहीं रहे.