70 अफसरों को पछाड़ CBI चीफ बने आरके शुक्ला, डीजीपी रहते कराया 8 आतंकियों का एनकाउंटर

70 अफसरों को पछाड़ CBI चीफ बने आरके शुक्ला, डीजीपी रहते कराया 8 आतंकियों का एनकाउंटर

ऋषि कुमार शुक्ला मध्यप्रदेश कैडर के पहले ऐसे आईपीएस अफसर हैं जिनको केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) का डायरेक्टर बनाया गया है.

70 अफसरों को पछाड़ CBI चीफ बने आरके शुक्ला, डीजीपी रहते कराया 8 आतंकियों का एनकाउंटर

संदीप भम्मरकर, भोपाल/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शनिवार को ऋषि कुमार शुक्ला को दो साल के तय कार्यकाल के लिये केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का नया डायरेक्टर नियुक्त कर दिया. ऋषि कुमार मध्य प्रदेश काडर के 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. बता दें कि शुक्ला के डीजीपी रहते हुए ही भोपाल की सेंट्रल जेल से भागे 8 सिमी आतंकियों को एनकाउंटर हुआ था.

ऋषि कुमार मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रह चुके हैं. 1983 बैच के मध्य प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस आवास निगम (एमपी पुलिस हाउसिंग बोर्ड) के अध्यक्ष हैं. वह आलोक वर्मा का स्थान लेंगे, जिन्हें 10 जनवरी को इस पद से हटा दिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली हाईलेवल सिलेक्शन कमेटी  ने 70 उम्मीदवारों में से उनकी नियुक्ति जांच एजेंसी के शीर्ष पद के लिए की है. पिछले नौ दिनों में दो बार हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया.

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्मे ऋषि कुमार शुक्ला की खास बात यह है कि उन्हें अपने गृह राज्य यानी अविभाजित मध्य प्रदेश का ही कैडर मिला. उनके करियर की शुरुआती पोस्टिंग बतौर सीएसपी रायपुर (अब छत्तीसगढ़) में हुई. उन्होंने कई जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं. वे 2009 से 2012 तक एडीजी इंटेलिजेंस भी रहे हैं.

फील्ड का अनुभव, दबाव में नहीं आते
आईपीएस शुक्ला को फील्ड का काफी अनुभव है. उनको पुलिस विभाग में नवाचार करने के लिए भी जाना जाता है. साथ ही यह अफसर राजनीति के दबाव में काम नहीं करते हैं और अपनी टीम को अच्छे काम के लिए प्रोत्साहित करते हैं. इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब राज्य के चर्चित आईपीएस अफसर गौरव तिवारी को कटनी एसपी पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजने का राजनीतिक दबाव पड़ा, लेकिन शुक्ला ने तिवारी को छिंदवाड़ा में मैदानी पोस्टिंग दिलवा दी.

हाउसिंग बोर्ड में छोड़ी अपनी छाप
शुक्ला पहली बार जब एमपी पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉर्पोरेशन के डीजी बनाए गए तो उन्होंने आवासों और दफ्तरों के कायाकल्प समेत उनकी बेहतरी पर काफी काम किया, जो पुलिस विभाग में आज भी सराहा जाता है.

बेहतरीन टीम लीडर
इसके अलावा ऋषि कुमार शुक्ला बेहतर टीम लीडर के तौर पर जाने जाते हैं. उन्होंने पुलिस इन्वेस्टिगेशन में नई तकनीकी का प्रयोग, क्राइम का जल्दी निपटारा करने और जवानों को तनाव मुक्त बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को स्पेशल ट्रेनिंग भी दिलवाने का काम किया.

MP कैडर से पहला CBI चीफ
ऋषि कुमार शुक्ला मध्यप्रदेश कैडर के पहले ऐसे आईपीएस अफसर हैं जिनको केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) का डायरेक्टर बनाया गया है. उनसे पहले 1981 बैच के आईपीएस अफसर अनिल धस्मानी को रॉ (RAW) का प्रमुख बनाया गया था.

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