छत्तीसगढ़ के मंत्री का विवादित बयान, बोले- राज्य की सड़कें हेमा मालिनी के गाल की तरह

अपने अटपटे बयानों की वजह से सुर्खीयों में रहने वाले आदिवासी नेता और मंत्री कवासी लखमा ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दे दिया है. लखमा ने प्रदेश की सड़कों पर चर्चा करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की सड़कें हेमा मालिनी (Hema Malini) के गाल जैसी हैं. जबकि कुरूद क्षेत्र की सड़कें गड्ढ़ों से भरी पड़ी हैं.

छत्तीसगढ़ के मंत्री का विवादित बयान, बोले- राज्य की सड़कें हेमा मालिनी के गाल की तरह
आदिवासी नेता और मंत्री कवासी लखमा.

रायपुर: अपने अटपटे बयानों की वजह से सुर्खीयों में रहने वाले आदिवासी नेता और मंत्री कवासी लखमा ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दे दिया है. लखमा ने प्रदेश की सड़कों पर चर्चा करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की सड़कें हेमा मालिनी (Hema Malini) के गाल जैसी हैं. जबकि कुरूद क्षेत्र की सड़कें गड्ढ़ों से भरी पड़ी हैं.

दरअसल, धमतरी जिले के कुरूद में आबादी पट्टा वितरण समारोह का आयोजन किया गया. वैसे तो ये सरकारी कार्यक्रम था, लेकिन जब भाषणों का दौर चला तो ये सरकारी आयोजन से राजनीतिक आयोजन में बदल गया. 

कुरूद, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का गढ़ है. यहां के नगर पंचायत पर भी भाजपा का ही कब्जा रहा है. लेकिन इस आयोजन में कांग्रेसी नेताओं ने अजय चंद्राकर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा तो भाजपाईयों ने कुरूद में हुए विकास की नजीर देकर जवाबी वार किया. लेकिन जब धमतरी के प्रभारी मंत्री और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवासी लखमा ने भाषण दिया तो बात कुरूद और कोंटा विधानसभा के विकास की तुलना तक पहुंच गई.

समाचार एसेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, लखमा ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की तुलना अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी के गालों से की और कुरूद के सड़कों को बदहाल बताया. मीडिया के सवालों पर लखमा ने बचाव करते हुए कहा, 'प्रदेश में धान खरीदी का मुद्दा ज्यादा हावी है जिसके चलते इस तरह की बयानबाजी हुई. अब देखना होगा कि मंत्री जी के इस विवादित बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी कितनी तेज होती है.