टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड अरेस्ट: पाकिस्तान से पैसे लेता और आतंकियों तक पहुंचाता, बंगाल से पकड़ा गया
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टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड अरेस्ट: पाकिस्तान से पैसे लेता और आतंकियों तक पहुंचाता, बंगाल से पकड़ा गया

रायपुर पुलिस को पता चला कि राजू खान बंगाल में ही है. सूचना पर फिर एक टीम रायपुर से बंगाल पहुंची. इस बार राजू ने पता बदल लिया था, लेकिन पुलिस टीम बंगाल में ही रुकी रही. राजू को ट्रेस किया और गिरफ्तार कर लिया. उसे बुधवार को ही रायपुर लाया गया है. 

टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड अरेस्ट: पाकिस्तान से पैसे लेता और आतंकियों तक पहुंचाता, बंगाल से पकड़ा गया

रायपुर: छत्तीसगढ़ की रायपुर में एक शातिर अपराधी को पकड़ा है. उस पर टेरर फंडिंग का आरोप था. रायपुर पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है. पकड़े गए अपराधी का नाम राजू खान है. वह 2013 से रायपुर पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था. इस मामले में रायपुर में रहने वाले उसके साथी को पुलिस ने साल 2013 में ही धर-दबोचा था. कोर्ट ने राजू के साथी को 10 साल की सजा सुनाई थी. फिलहाव वह रायपुर जेल में अपनी सजा काट रहा है. जबकि राजू खान पिछले 7 साल से फरारी काट रहा था. राजू खान के जरिए पैसा सिमी और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाया जा रहा था.

साल 2013 में गिरफ्तार होने वाला राजू खान का साथी धीरज साव मूलत: बिहार का रहने वाला है. वह रायपुर के खमतराई इलाके में साल 2011 में चिकन का ठेला लगाता था. पुलिस के मुताबिक साल 2011 में ही उसे पाकिस्तान से किसी खालिद नाम के शख्स ने फोन किया. पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि फोन करने वाले ने उसे बैंक खाते खोलकर, कुछ लोगों के खाते में रुपए ट्रांसफर करने को कहा था. इसके बदले में रुपए देने का लालच दिया था. धीरज साव ने वैसा काम शुरू कर दिया था. इस काम में उसका साथ रायपुर में ही रहने वाले मौसेरे भाई श्रवण मंडल ने दिया था.

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धीरज के गिरफ्तार होते ही फरार हो गया था राजू
पाकिस्तानी एजेंट ने धीरज से कहा था कि खाते में आने वाली रकम का 13% कमीशन काटकर बाकी के पैसे राजू खान, जुबैर हुसैन और आयशा बानो नाम के खाते में डालने हैं. धीरज साव ही राजू खान के खातों में रुपए भेजता था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ये सबूत मिले थे कि ये पैसे सिमी और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाए जा रहे हैं. साल 2013 में धीरज की गिरफ्तारी रायपुर में हो गई. इसके मौसेर भाई श्रवण को भी तब पकड़ा गया था. इन दोनों से मैंगलोर के रहने वाले जुबैर और आयशा का इनपुट मिला था. उनकी भी गिरफ्तारी हुई. लेकिन तब से राजू खान फरार था. अब इस केस के सभी आरोपी रायपुर की सेंट्रल जेल में हैं.

बचने के लिए पता बदलता रहता था राजू
कुछ महीनों पहले ही पुलिस को राजू खान के बंगाल के छुपे होने की सूचना मिली है. जब पुलिस वहां पहुंचती तो राजू खान पता बदल कर वहां से फरार हो जाता. इस बीच रायपुर पुलिस को पता चला कि राजू खान बंगाल में ही है. सूचना पर फिर एक टीम रायपुर से बंगाल पहुंची. इस बार राजू ने पता बदल लिया था, लेकिन पुलिस टीम बंगाल में ही रुकी रही. राजू को ट्रेस किया और गिरफ्तार कर लिया. उसे बुधवार को ही रायपुर लाया गया है. बुधवार को पूछताछ के बाद राजू को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

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