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भीमा मंडावी हत्याकांड की जांच को लेकर बढ़ा टकराव, राज्य सरकार ने NIA को नहीं सौंपी फाइल

लोकसभा चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने झीरमघाटी कांड की पैरोल जांच यानी एसआईटी का गठन कर नए सिरे से जांच की घोषणा की थी और एनआईए से राज्य सरकार ने फाइल मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसकी फाइल लौटाने से मना कर दिया था.

भीमा मंडावी हत्याकांड की जांच को लेकर बढ़ा टकराव, राज्य सरकार ने NIA को नहीं सौंपी फाइल
9 अप्रैल को दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने भीमा मंडावी के काफिले पर हमला किया था

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में मारे गए भारतीय जनता पार्टी के विधायक भीमा मंडावी की हत्या की जांच को लेकर अब छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं. भीमा मंडावी की हत्या को लेकर एनआईए जांच और राज्य स्तर पर चल रही जांच को लेकर केंद्र सरकार के साथ टकराव बढ़ गया है. लोकसभा चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने झीरमघाटी कांड की पैरोल जांच यानी एसआईटी का गठन कर नए सिरे से जांच की घोषणा की थी और एनआईए से राज्य सरकार ने फाइल मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसकी फाइल लौटाने से मना कर दिया था. क्योंकि यह देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी है और राज्य सरकार की जांच को एजेंसी के सामने प्रभावी नहीं माना जाता.

अब ठीक इसी तरीके से बीजेपी के विधायक भीमा मंडावी की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी और अब एनआईए राज्य सरकार से इस मामले की फाइल के लिए दबाव बना रही है, लेकिन राज्य सरकार भी इस कोशिश में लगी है कि यह जांच राज्य सरकार के स्तर पर ही चलती रहे और आगे की कार्रवाई हो. केंद्र में अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद बहुत जल्द एनआईए की रिव्यू बैठक होने वाली है. खुद अमित शाह इस बैठक में पेंडिंग मामलों की समीक्षा करेंगे और जाहिर है ऐसी स्थिति में अगर एनआईए छत्तीसगढ़ सरकार से फाइल हासिल नहीं कर पाती है तो टकराव और बढ़ेगा.

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बता दें, बीते 9 अप्रैल को दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने भीमा मंडावी के काफिले पर हमला किया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी. इस नक्सली हमले में भीमा मंडावी के साथ ही चार जवान भी शहीद हो गए थे. बता दें साल 2018 के अंत में हुए विधानसभा चुनावों में जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी 15 सीटों पर सिमटी थी और बस्तर से उसका सूपड़ा साफ हुआ, तब सिर्फ मंडावी ने ही नक्सलगढ़ की एकमात्र सीट दंतेवाड़ा में जीत दर्ज कराई थी. 

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ऐसे में केंद्र सरकार ने दिवंगत विधायक भीमा मंडावी के हत्याकांड की जांच एनआईए को सौंप दी थी और मामले की पूरी जांच शुरू से करने के आदेश दिए थे. वहीं राज्य सरकार से भी भीमा मंडावी हत्याकांड की फाइल एनआईए को सौंपने को कहा था. जिस पर राज्य सरकार ने अभी तक यह फाइल एनआईए को नहीं सौंपी है. हालांकि 17 मई को दिल्ली में एनआईए ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.