दुनिया ने माना भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी का लोहा, 55 दिनों में करीब 6 करोड़ डोज, 71 देशों को भेजी
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दुनिया ने माना भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी का लोहा, 55 दिनों में करीब 6 करोड़ डोज, 71 देशों को भेजी

जहां अमेरिका, यूरोप जैसे देश वैक्सीन बनाकर अभी अपने देश के नागरिकों को देने में जुटे हैं, वहीं भारत अपने नागरिकों के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न देशों की भी मदद कर रहा है. 

दुनिया ने माना भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी का लोहा, 55 दिनों में करीब 6 करोड़ डोज, 71 देशों को भेजी

नई दिल्लीः कोरोना महामारी में भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है. अपनी वैक्सीन डिप्लोमेसी के दम पर भारत दुनिया के सिरमौर देशों में से एक बनकर उभरा है. बता दें कि भारत ना सिर्फ उन प्रमुख देशों में शामिल है, जिसने कोरोना की वैक्सीन बनाई बल्कि वैक्सीन की करीब 6 करोड़ डोज दुनिया के विभिन्न देशों को भी भेजी हैं. जहां अमेरिका, यूरोप जैसे देश वैक्सीन बनाकर अभी अपने देश के नागरिकों को देने में जुटे हैं, वहीं भारत अपने नागरिकों के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न देशों की भी मदद कर रहा है. 

71 देशों को भेजी वैक्सीन
बता दें कि भारत ने बीते 55 दिनों में 5 करोड़ 86 लाख वैक्सीन की डोज दुनियाभर के 71 देशों में भेजी हैं. जिन देशों को कोरोना वैक्सीन भेजी गई हैं, उनमें कई देश कम विकसित और गरीब हैं. उल्लेखनीय है कि करीब 6 करोड़ वैक्सीन में से 80.75 लाख वैक्सीन की डोज भारत ने अपने पड़ोसी देशों को मुफ्त बतौर गिफ्ट भेजी थीं. 1 करोड़ 65 लाख डोज संयुक्त राष्ट्र के कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत भेजी हैं. वहीं 3 करोड़ 39 लाख डोज कमर्शियल डील के तौर पर भेजी गई हैं. भारत में निर्मित वैक्सीन दुनिया के 37 देशों को मुफ्त में मिली है, जिनमें से 17 देशों को कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत मिली हैं. 

पड़ोसी देशों को दी मदद
बांग्लादेश को 90 लाख डोज मुफ्त भेजी गई हैं. वहीं पाकिस्तान के साथ भले ही हमारे संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं लेकिन कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत पाकिस्तान भी मेड इन इंडिया वैक्सीन भेजी गई हैं. भारत ने ना सिर्फ पड़ोसी देशों को बल्कि अर्जेंटीना, ब्राजील, इजिप्ट और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई है. 

भारत की इस वैक्सीन डिप्लोमेसी की सबसे बेहतरीन बात ये है कि जो वैक्सीन विदेशों को भेजी गई हैं, उनमें से 50 फीसदी कम विकसित देशों को और एक तिहाई छोटे द्वीपीय देशों को भेजी गई हैं. 

क्वाड से मिलेगा बूस्ट
भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी से दुनिया के कई बड़े देश प्रभावित हैं. अब शुक्रवार को जब क्वाड समूह की बैठक हुई, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के राष्ट्र प्रमुखों ने हिस्सा लिया. इस बैठक के दौरान भी चारों देशों ने वैक्सीन डिप्लोमेसी को और ज्यादा बूस्ट करने का फैसला किया गया है. इसके तहत भारत की वैक्सीन मैन्युफैक्चर करने की क्षमता, अमेरिका की टेक्नोलॉजी, साथ ही अमेरिका और जापान के फाइनेंस और आस्ट्रेलिया की लॉजिस्टिक क्षमता के दम पर साल 2022 तक आसियान देशों, प्रशांत महासागर के देशों और अन्य देशों को करीब एक बिलियन वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. 

चीन के दबदबे को चुनौती
भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी को चीन के दबदबे को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. दरअसल दुनियाभर में कोरोना महामारी के प्रसार को लेकर चीन पहले ही लोगों के निशाने पर है. वहीं भारत चीन के विरोधी देशों को वैक्सीन मुहैया कराकर वहां अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं चीन ने भारत के कई पड़ोसी देशों को वैक्सीन मुहैया कराने की बात कही थी लेकिन चीन की वैक्सीन का अभी भी कई देश इंतजार ही कर रहे हैं, वहीं भारत काफी देशों को वैक्सीन पहले ही भेज चुका है. क्वाड की रणनीति को भी चीन के लिए झटका माना जा रहा है.  

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