छत्तीसगढ़ में फिर बरसा डेंगू का कहर, 9 साल के बच्चे की मौत

पिछले साल डेंगू से 17 लोगो की मौत हो गई थी जिसके बाद डेंगू को कंट्रोल करने में जिला स्वास्थ विभाग और प्रसाशन के पसीने छूठ गए थे.

छत्तीसगढ़ में फिर बरसा डेंगू का कहर, 9 साल के बच्चे की मौत
प्रतीकात्मक फोटो

हितेश शर्मा/भिलाई/नई दिल्लीः पिछले वर्ष प्रदेश भर में कोहराम मचाने के बाद डेंगू ने एक बार फिर दस्तक दे दी है. बीती 16 जुलाई को भिलाई टाउनशिप में डेंगू का पहला मरीज सामने आया था. जिसके 24 घंटे के अंदर ही 12 मरीजों के डेंगू की चपेट में होने की पुष्टी की गई थी और अब दुर्ग में आज सुबह 9 साल के बच्चे की मौत हो गई. मृतक भिलाई के बालाजी नगर का रहने वाला है. बीते 15 दिनों से लगातार डेंगू का कहर जिले में जारी है अब तक कई लोगो की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है, लेकिन इसके बाद भी जिले का स्वास्थ अमला डेंगू के प्रकोप से लोगो बचाने के लिए कोई प्रयास नही कर रहा है. लोगों के मौत होने के बाद भी जिला स्वास्थ्य अधिकारी इलाके का जायजा लेने तक नही पहुंच रहे हैं. जिसको लेकर लोगो में आक्रोश है.

पिछले साल 17 लोगों की डेंगू से मौत
बता दें पिछले साल भी डेंगू के चलते कई मरीजों की जान चली गई थी. जिसके बाद अब एक बार फिर डेंगू महामारी बनकर उभरा है. आपको बता दें कि पिछले साल डेंगू से 17 लोगो की मौत हो गई थी जिसके बाद डेंगू को कंट्रोल करने में जिला स्वास्थ विभाग और प्रसाशन के पसीने छूठ गए थे. डेंगू के कुछ बस्तियों में फैलने के बाद भी जिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग की लापरवाही साफ उजागर हो  रही है. कई इलाकों में डेंगू का कहर साफ देखा जा सकता है.

9 साल के साईं साहू की मौत
वहीं जिला प्रसासन के अधिकारी केवल कागजो में डेंगू कंट्रोल कर रहे हैं भिलाई नगर के खुर्शीपार और टाउनशिप क्षेत्र में डेंगू के प्रकोप की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. बावजूद इसके, न स्वास्थ अमला सजग हुआ और न ही निगम प्रशासन. खुर्शीपर क्षेत्र में 9 साल के साईं साहू को बुखार हो गया था जिसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के इलाज के बावजूद भी बच्चे को डेंगू  के प्रकोप से नही बचाया जा सका और अस्पताल में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया.

10 से अधिक मरीज डेंगू पॉजीटिव
इन सभी के बाद भी जिले के स्वास्थ अधिकारी अपनी नाकामियों को छिपाने मीडिया में बयान बचते नजर आ रहें है. आपको बता दें कि इस साल डेंगू से भिलाई शहर में 2 मौत हो चुकी हैं. 10 से ज्यादा मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं. साथ ही लगभग 70 से अधिक संभावित डेंगू के मरीज पाए गए हैं. जिनका इलाज जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.