नीमच: करोड़ों की लागत से तैयार की गई थी गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग, अब खा रही धूल

छात्राओं ने बताया कि वो छात्रावास की सुविधा न होने की वजह से 80-85 किलोमीटर का सफर हर रोज करती हैं. जिससे उनका ज्यादातर वक्त ट्रैवलिंग में ही बर्बाद हो जाता है. इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.

नीमच: करोड़ों की लागत से तैयार की गई थी गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग, अब खा रही धूल
छात्रावास की करोडों रुपए की बिल्डिंग बनकर करीब 3 साल पहले ही तैयार हो चुकी है.

प्रितेश सारड़ा/नीमच: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) जिले में छात्राओं के लिए करोड़ों की लागत से बनाया गया छात्रावास अब धूल खा रहा है. अव्यवस्थाओं का आलम ये है कि तीन साल पहले तैयार हो चुकी बिल्डिंग खाली पड़ी है और छात्राएं शहर में किराए पर महंगे महंगे कमरे लेकर रहने को मजबूर हैं.

दरअसल, लीड कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल बनाया गया था. इस छात्रावास की करोडों रुपए की बिल्डिंग बनकर करीब 3 साल पहले ही तैयार हो चुकी है. इस बिल्डिंग का लोकार्पण खुद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था. लेकिन कॉलेज प्रबंधन पर आरोप है कि इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.

छात्रावास की सुविधा से कॉलेज की छात्राएं वंचित हैं. इस पीजी कॉलेज में जिलेभर की छात्राएं दूर-दूर से पढ़ने आती हैं, लेकिन छात्रावास की सुविधा न होने के चलते वे भारी भरकम किराए देकर रहने को मजबूर हैं. कुछ छात्राओं ने बताया कि वो छात्रावास की सुविधा न होने की वजह से 80-85 किलोमीटर का सफर हर रोज करती हैं. जिससे उनका ज्यादातर वक्त ट्रैवलिंग में ही बर्बाद हो जाता है. इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.

वहीं कॉलेज प्राचार्य एल एन शर्मा का कहना है कि छात्रावास बनकर तैयार हो चुका है पर छत्रावास में कार्य करने वाले गार्ड, वार्डन का पद स्वीकृत नहीं हुआ है. हमने उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि इन पदों को जल्द स्वीकृत किया जाए, जिसके बाद हम छत्रावास प्रारम्भ कर सकें.