शहडोल जिला अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, पहले क्लीन चिट दी, फिर CHMO और CS हटाए गए

समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने शहडोल के घटनाक्रम को लेकर किसी से चर्चा की और इसके बाद स्वास्थ्य सचिव को सीएमएचओ और सीएस को हटाने के आदेश दिए.

शहडोल जिला अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, पहले क्लीन चिट दी, फिर CHMO और CS हटाए गए
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ​शहडोल जिला अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे थे.

शहडोल: शहडोल के कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में 12 दिनों में 18 बच्चों की मौत के मामले में मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ डॉक्टर राजेश पांडे और सिविल सर्जन वीएस बारिया को हटा दिया.

स्वास्थ्य मंत्री ने पहले तो डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन समीक्षा बैठक के बाद एक्शन लेते हुए सीएमएचओ और सीएस को हटाने के निर्देश दिए. सूत्रों की मानें तो सागर से किसी डॉक्टर को सीएमएचओ बनाकर शहडोल भेजा जा रहा है. सीएस के लिए कई स्थानीय डॉक्टरों के नामों की चर्चा चल रही है.

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पहले क्लीन चिट दिया, कुछ घंटे बाद कार्रवाई
समीक्षा बैठक से पहले पत्रकारों से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि बच्चों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी थी. बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है. मुख्य वजह यही रही कि नवजातों को अस्पताल लाने में उनके अभिभावकों ने देरी कर दी. मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देने के बाद स्वास्थ्य मंत्री समीक्षा बैठक में चले गए.

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अस्पताल प्रबंधन ने छिपाई थी 5 बच्चों की मौत 
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने शहडोल के घटनाक्रम को लेकर किसी से चर्चा की और इसके बाद स्वास्थ्य सचिव को सीएमएचओ और सीएस को हटाने के आदेश दिए. यह बात भी निकलकर सामने आई कि 12 दिन में 18 बच्चों की मौत हुई, लेकिन शहडोल जिला अस्पताल प्रबंधन ने 5 बच्चों की मौत का आंकड़ा छिपाने का प्रयास किया. स्वास्थ्य मंत्री के शहडोल आने के दौरान जिला अस्पताल प्रबंधन की यह कारस्तानी उजागर हुई.

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शहडोल में डामाडोल है स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल
शहडोल के कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में 26 नवंबर से अब तक SNSU व PICU में भर्ती 18 बच्चों की मौत हो चुकी है. 26 नवंबर से अब तक SNCU व PICU में कुल 111 बच्चे भर्ती हो चुके हैं. बीते 8 माह में 362 बच्चों की मौत इस अस्पताल में हुई है. औसतन रोजाना 1 बच्चे की मौत हो रही है. नर्सों के भरोसे जिले के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स चल रहे हैं. कुल 7 सीएचसी हैं और एक में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं. शहडोल में कुल 29 पीएचसी और 226 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं.

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