ट्रेन में सफर के दौरान बिगड़ जाए तबियत तो आपकी सीट तक आएगा डॉक्टर, ऐसे मिलती है मदद, जानिए पूरी डिटेल

हम आपको बता रहे हैं कि ट्रेन में तबीयत बिगड़ने पर आपको यह मदद कैसे मिल सकती है. पढ़िए पूरी खबर...

ट्रेन में सफर के दौरान बिगड़ जाए तबियत तो आपकी सीट तक आएगा डॉक्टर, ऐसे मिलती है मदद, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली: ट्रेन में सफर करने के दौरान लोग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसी स्थिति बनती है तो धबराने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. भारतीय रेलवे की मदद से आप सफर के दौरान अपना इलाज कर सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं कि ट्रेन में तबीयत बिगड़ने पर आपको यह मदद कैसे मिल सकती है. 

पहली बात ये है कि अगर आप भारतीय रेलवे में सफर के दौरान खुद को बीमार महसूस कर रहे हैं तो टीटीई से संपर्क कर सकते हैं. रेलवे नियमों के अनुसार टीटीई को आपकी मदद करनी ही होगी.आपके लिए टीटीई ट्रेन में फर्स्ट एड चिकित्सा की सुविधा लेने की प्रक्रिया को पूरा करेगा. मेडिकल इमरजेंसी में ये किट आपके काम आएगी. 

138 नंबर पर मांग सकते हैं मदद
इसके अलावा टीटीई रेलवे कंडक्टर को जानकारी दे सकता है. दरअसल, रेलवे कंडक्टर कंट्रोल रूम से कनेक्ट होता है और वह अगले स्टेशन पर डॉक्टर की मांग कर सकता है. इसके अलावा अगर आप टीटी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं तो आप खुद 138 नंबर पर तुरंत कॉल करके मदद मांग सकते हैं. इसके बाद अगले स्टेशन तक आपके पास डॉक्टर पहुंच जाएंगे.

ये भी पढ़ें: Budget 2021-22: बजट के दौरान बार-बार सुनते होंगे ये शब्द, आसान भाषा में जानिए इनके मतलब

सीधे रेलवे को ट्वीट कर सकते हैं
वर्तमान में रेलवे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहता है. मतलब साफ है कि यदि आपकी तबीयत बिगड़ती है तो आप रेलवे के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट कर मदद मांग सकते हैं. आपके ट्वीट को रेलवे संबंधित जोन में हस्तांतरित कर देगा. इसके बाद आपको मदद मिल सकेगी. हालांकि इस दौरान आपको अपने पीएनआर, सीट नंबर आदि साझा करने की जरूरत पड़ सकती है. 

हेल्पलाइन 138 की यह खासियत
हेल्पलाइन 138 पर आने वाली कॉल फोन कॉल करने वाले व्‍यक्ति के स्‍थान के अनुसार उसके निकटतम रेलवे डिविज़नल कंट्रोल ऑफ़िस में चली जाती है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि कॉल करने वालों को उसी भाषा में जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त हो, जिसे बोलने में वे सहज हो. यह नई विशेषता भाषा संबंधी बाधा को मिटा देती है और डिवीजन के पास उपयुक्‍त जानकारी उपलब्ध होते ही रेलवे ग्राहकों और दूसरे लोगों तक तेजी से सूचनाओं को पहुंचाती है.

ये भी पढ़ें: किसानों के समर्थन में 3000 ट्रैक्टरों के साथ कांग्रेस का हल्लाबोल, आलू की माला पहनाकर हुआ कमलनाथ का स्वागत

ये भी पढ़ें: दुष्कर्म के आरोपी का ग्रामीणों ने सिर मुंडवाया, निर्वस्त्र कर जूतों की माला पहनाई, फिर पूरे गांव में निकाला जुलूस

WATCH LIVE TV