सिंधिया ने स्वीकारा कांग्रेस का चैलेंज, गले से उतार फेंका 'कांग्रेसी दुपट्टा'

आपको बता दें कि कल भाजपा सदस्यता ग्रहण अभियान के आगाज पर उन्होंने गले में तथाकथित कांग्रेस का दुपट्टा डाला था. हालांकि जब वे मंच पर पहुंचे थे तो उन्होंने कांग्रेसी दुपट्टे के ऊपर ही बीजेपी वाला दुपट्टा डाल लिया था.   

सिंधिया ने स्वीकारा कांग्रेस का चैलेंज, गले से उतार फेंका 'कांग्रेसी दुपट्टा'
सिंधिया ने कहा- कांग्रेस की वादाखिलाफी पर सड़कों पर उतरा था.

ग्वालियर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का चैलेंज स्वीकार कर लिया है. उन्होंने गले से कांग्रेस दुपट्टा उतार दिया है. आज उनके गले में भाजपा का दुपट्टा शान से डाल लिया है. हालांकि इसे राजनीतिक भाषा में पटका कहा जाता है. यह सम्मान के तौर पर कार्यकर्ता गले पर धारण करते हैं. 

Image

ग्वालियर में सिंधिया के गले में दिखा 'कांग्रेसी' दुपट्टा, कांग्रेस बोली- हिम्मत है तो उतारकर दिखाओ?

आपको बता दें कि कल सदस्यता अभियान के आगाज पर उन्होंने गले में तथाकथित कांग्रेस का दुपट्टा डाला था. हालांकि जब वे मंच पर पहुंचे थे तो उन्होंने कांग्रेसी दुपट्टे के ऊपर ही बीजेपी वाला दुपट्टा डाल लिया था. 

Image

सुर्खियां बन गया था सिंधिया का कांग्रेसी दुपट्टा
तस्वीरें वायरल होने पर कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा था कि सिंधिया में हिम्मत है तो गले से कांग्रेस का दुपट्टा हटा लें और प्रोफाइल में बीजेपी नेता लिखकर दिखाएं. कल के कार्यक्रम में सिंधिया के गले में पड़ा तथाकथित दुपट्टा मीडिया की सुर्खियां बन गया था. 

 ग्वालियर में सिंधिया के गले में दिखा 'कांग्रेसी' दुपट्टा, कांग्रेस बोली- हिम्मत है तो उतारकर दिखाओ?

कांग्रेस की वादाखिलाफी पर सड़कों पर उतरा
इससे पहले सिंधिया ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कमलनाथ को कहा कि मुख्यमंत्री पद कोई ताज या कुर्सी नहीं होती कमलनाथ जी, जनता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी होती है. आपने जनता से वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार किया. आप जनता से किये वादे पूरे करते तो हमें सड़कों पर नहीं उतरना होता. 

Image

जनता के लिए छोड़ दी उपमुख्यमंत्री की कुर्सी
सिंधिया ने कहा कि, मैं और मेरे सहयोगी कभी कुर्सी के सेवक नहीं रहे. यदि मुझे कुर्सी का लालच होता तो जब उपमुख्यमंत्री बनने का ऑफर दिया था, उसे तभी स्वीकार कर लेता. मुझे जनता के लिये सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ना, कुर्सी से ज्यादा अहम लगा.

Image

WATCH LIVE TV