MP-राजस्थान में बन गई बात, 'पार्वती-कालीसिंध-चंबल' नदी के पानी पर दिल्ली में बनी सहमति
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MP-राजस्थान में बन गई बात, 'पार्वती-कालीसिंध-चंबल' नदी के पानी पर दिल्ली में बनी सहमति

MP-Rajasthan River Project: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच नदी जोड़ों परियोजना पर एक और सहमति बन गई है, दोनों राज्यों के सीएम आज दिल्ली में मिले थे. 

 

एमपी-राजस्थान में बनी सहमति

मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच सालों से अटका नदियों के जल का बंटवारा अब लगभग पूरा होने की दिशा में है. दोनों राज्यों के सीएम दिल्ली में एक बार फिर मिले और बड़ी सहमति बन गई. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के 'मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' पर सहमति बना ली है. ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सालों से अटका पानी के बंटवारें का यह मामला अब सुलझने वाला है. इससे मध्य प्रदेश के कई जिलों को फायदा होगा और खेती के सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा. 

मध्य प्रदेश के 11 जिलों को होगा फायदा

मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ों परियोजना के 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' के बाद अब उसके 'मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई है. बताया जा रहा है कि  योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद के पास संक्षेपिका 15 दिनों में प्रस्तुत कर दी जाएगी. सीएम मोहन ने बताया कि 75 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मध्य प्रदेश के 11 जिले गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. जबकि इन जिलों में पेयजल एवं औद्योगिक आपूर्ति के लिए जल भी उपलब्ध होगा. 

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मध्य प्रदेश में बनेंगे 21 बांध 

नदी जोड़ों परियोजना के तहत मध्य प्रदेश में 21 बांध और बैराज बनाए जाएंगे, योजना अंतर्गत प्रदेश में कराए जाने कार्यों की लागत लगभग 36 हजार 800 करोड़ रुपए है. परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के कुल लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल व उद्योगों के लिए लगभग 172 मिली घन मीटर जल का प्रावधान किया गया है, परियोजना से लगभग 40 लाख परिवार लाभांवित होंगे. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का काम आने वाले पांच सालों में पूरा कर लिया जाएगा. परियोजना में मध्य प्रदेश और राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) औक मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को आखिरी छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु प्रावधान रखा गया है. जिससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिण्ड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल हेतु आवंटित जल प्राप्त हो सकेगा 

मध्य प्रदेश और राजस्थान में हो चुका है एमओयू 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की उपस्थिति में दिनांक 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डी.पी. आर. तैयार करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए है. संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 06 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है. जबकि इब इस दिशा में आखिरी काम किया जा रहा है.  'मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' पर सहमति बनाए जाने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा. 

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