‘आपके पैर पड़ता हूं शिवराज मामा-सिंधिया चाचा बच्चों की सुन लीजिए’

 स्कूल की सभी तरह की फीस माफ करने की मांग को लेकर सड़क पर खड़े पालक संघ से जुड़े लोगों ने सीएम शिवराज और सिंधिया का काफिला रोक दिया और उन्हें ज्ञापन सौंपा.  

‘आपके पैर पड़ता हूं शिवराज मामा-सिंधिया चाचा बच्चों की सुन लीजिए’
अभिभावकों ने सिंधिया को सौंपा ज्ञापन

इंदौर: कोरोना काल में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावकों ने मोर्चा खोल रखा है.  स्कूल की सभी तरह की फीस माफ करने की मांग को लेकर सड़क पर खड़े पालक संघ से जुड़े लोगों ने सीएम शिवराज और सिंधिया का काफिला रोक दिया और उन्हें ज्ञापन सौंपा. 

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पालक संघ से जुड़े लोगों ने बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के आकर झुककर गुहार लगाई. उन्होंने कहा  "आपके पैर पड़ता हूं बच्चों की सुन लीजिए, बच्चों को फीस के लिए इतना प्रताड़ित कर रहे हैं, क्या बताऊं आपको..मामा चाचा सुन लीजिए”

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आपको बता दें कि  स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था कि केंद्र सरकार के अनलॉक चार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा. 30 सितंबर तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे, क्योंकि अगर किसी बच्चे को कुछ हो गया तो उसका जवाब हमें ही देना होगा.  निजी स्कूल हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकते हैं. इसमें भी वृद्धि करके जबरदस्ती वसूली करने की शिकायतें सामने आई हैं.  फीस नियंत्रण के लिए तय किया है कि कानून बनाया जाएगा.  इसके लिए जल्द ही सरकार अधिनियम लाएगी. 

उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि कोरोना काल में निजी स्कूल ट्यूशन फीस ही वसूल सकते हैं, अन्य शुल्क नहीं. फिर भी कोई निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अतिरिक्त शुल्क वसूलने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई तय है. 

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