आगर सीटः जहां दिन-भर थी कांटे की टक्कर, वहां देखें बीजेपी उम्मीदवार के पराजय की बड़ी वजह

आगर विधानसभा सीट पर वोटिंग शुरू होते ही कांग्रेस के विपिन वानखेड़ें और बीजेपी के मनोज ऊंटवाल के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी. यहां कांग्रेस उम्मीदवार की जमीनी पकड़ उन्हें उप चुनाव जीता गई. 

आगर सीटः जहां दिन-भर थी कांटे की टक्कर, वहां देखें बीजेपी उम्मीदवार के पराजय की बड़ी वजह
आगर सीट

भोपालः आगर विधानसभा सीट आगर-मालवा जिले में आती है. पिछले चुनाव में बीजेपी के मनोहर ऊंटवाल ने जीत दर्ज की थी. उनके निधन के बाद सीट खाली हो गई थी. 2003 से ही इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है. 28 सीटों में सबसे ज्यादा यहां 83.77 प्रतिशत वोटर्स ने मतदान किया. 24 राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार विपिन वानखेड़ें ने बीजेपी प्रत्याशी को 1998 मतों के अंतर से हराया. 

वोटिंग के दौरान इस सीट पर बहुत कांटे की टक्कर चल रही थी. हर चरण के नतीजों के बाद कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी आगे हो रही थी. लेकिन अंत में कांग्रेस उम्मीदवार ने नजदीकी जीत दर्ज की. कांग्रेस के विपिन वानखेड़ें को 88,454, तो बीजेपी उम्मीदवार मनोज ऊंटवाल को 86,597 वोट मिले. 

कौन था मैदान में 

पार्टी  उम्मीदवार वोट
कांग्रेस  विपिन वानखेड़ें 88,454
बीजेपी मनोज ऊंटवाल 86,597

 

जीत के तीन कारण -

1. इस विधानसभा से दूसरी बार लगातार चुनाव मैदान में, पहली बार 2018 में मनोहर ऊंटवाल जैसे दिग्गज बीजेपी नेता के सामने मात्र 2400 के करीब वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. जिस कारण क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखते हैं. 

2. युवा नेता, कोई आरोप नहीं, बीजेपी के एक वर्ग के नाराज होने का मिला लाभ.

3. मतदाताओं से लगातार जीवित संपर्क. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का प्रभाव वाला क्षेत्र, जयवर्धन सिंह ने लगातार कई दिनों तक विपिन वानखेड़े के साथ गांव-गांव किया प्रचार.

हार के तीन कारण-
1.राजनीतिक अनुभव नहीं, पार्टी का एक वर्ग नाराज. पिता के विधायक रहते क्षेत्र में काम न होने से लोगों में नाराजगी. फसल बीमा राशि कई किसानो को नही मिल पाई थी.

2. कांग्रेस प्रत्याशी दूसरी बार चुनाव मैदान में, पूर्व से तय होने पर कांग्रेस प्रत्याशी ने एक- एक घर मे पहुंचकर कई बार किया व्यक्तिगत प्रचार...कांग्रेस प्रत्याशी को प्रचार का समय अधिक मिला...

3.जातिगत समीकरण भी इस बार हार का कारण बने. भाजपा का अंदरूनी भितरघात, कांग्रेस में इस बार पूरी तरह एकता दिखाई दी.

पिछले चुनाव के नतीजे?
 
विधानसभा चुनाव 2008
2008 के चुनाव की बात करें तो बीजेपी के लालजीराम मालवीय को जीत मिली थी. उन्होंने कांग्रेस के रमेश चंद्र सूर्यवंशी को हराया था. इस चुनाव में लालजीराम को जहां 60065 वोट मिले थे तो वहीं रमेश चंद्र को 43331 वोट मिले थे.

विधानसभा चुनाव 2013
2013 के चुनाव बीजेपी यहां से जीतकर आई थी और मनोहर उंटवाल आगर सीट से विधायक चुने गए थे. उन्होंने कांग्रेस के माधव सिंह को 28 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. मनोहर उंटवाल को 83726 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के माधव सिंह को 54867 वोट मिले थे.

विधानसभा चुनाव 2018
2018 चुनाव में बीजेपी के मनोहर ऊंटवाल ने कांग्रेस के विपिन वानखेड़ें को हराया था. बीजेपी उम्मीदवार ने 47.69 प्रतिशत वोट हासिल कर कांग्रेस उम्मीदवार को हराया था, जिन्हें 46.24 प्रतिशत वोट मिले थे. 

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