MP: मंत्री गोविंद सिंह ने 'तीर्थ दर्शन योजना' को बताया फिजूलखर्ची, शिवराज सिंह चौहान ने दिया जवाब

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने इस योजना के अंतर्गत चलने वाली 6 ट्रेनों को बंद करने का फैसला किया है. मध्य प्रदेश सरकार पर आईआरसीटीसी की 17 करोड़ की देनदारी है. 

MP: मंत्री गोविंद सिंह ने 'तीर्थ दर्शन योजना' को बताया फिजूलखर्ची, शिवराज सिंह चौहान ने दिया जवाब
शिवराज सिंह (L), गोविंद सिंह.

भोपाल: कमलनाथ सरकार में मंत्री गोविंद सिंह ने मध्य प्रदेश में बुजुर्गों के लिए चलाई जाने वाली 'तीर्थ दर्शन योजना' को फिजूलखर्ची बताते हुए इसे बंद करने की मांग की है. उन्होंने कहा, ''तीर्थ दर्शन योजना से फिजूलखर्ची होती है. ट्रेनों से भर-भर कर लोग घूमने जाते हैं. इस योजना के बजट को विकास कार्यों में लगाना चाहिए. लोगों को अपने पैसों से तीर्थ दर्शन करना चाहिए.'' 

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने इस योजना के अंतर्गत चलने वाली 6 ट्रेनों को बंद करने का फैसला किया है. मध्य प्रदेश सरकार पर आईआरसीटीसी की 17 करोड़ की देनदारी है. आर्थिक संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ योजनाओं को बंद कर अपने खर्च में कटौती की योजना बनाई है.

''भावनात्मक संबंधों को ये क्या समझेंगे, तीर्थ कराना पवित्र कार्य''
सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा, ''भावनात्मक संबंधों को ये क्या समझेंगे. जो सक्षम और समर्थ नहीं है उन बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाना पवित्र कार्य है. अब उनको बंद करना है. वह हर अच्छे काम को बंद कर रहे है. मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि जिस योजना से जनता का हित जुड़ा हो, लोग लाभान्वित हो रहे हों, कांग्रेस सरकार उसका लाभ देना बंद कर देती है. यह योजना बुज़ुर्गों के तीर्थाटन हेतु प्रारम्भ की गई थी, लेकिन सरकार ने इस पुनीत कार्य पर भी ब्रेक लगा दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.''

''आईफा के लिए करोड़ों खर्च, तीर्थ दर्शन योजना फिजूलखर्ची?''
वहीं मध्य प्रदेश भाजपा ने इस मामले में कहा कि करोड़ों खर्च कर आईफा का आयोजन होता है. वो फिजूलखर्ची नहीं है क्या? बीजेपी नेता विश्वास सारंग ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अपने ऐशो-आराम के लिए सरकार करोड़ों खर्च कर रही है. लेकिन सभी धर्मों के बुजुर्गों के लिए चलाई जाने वाली योजना को बंद किया जा रहा है. सारंग ने कहा कि तीर्थ दर्शन योजना को बंद करने की मांग कर कमलनाथ के मंत्री सभी धर्मों का मजाक उड़ा रहे हैं.