VVIP से परेशान हो शख्स ने खोल लिया पूछताछ केंद्र, पता बताने के लेता है 5 रुपये

बस इस तरह पोस्टर को लगाने से वीआईपी की तरह दशरथ को उनके शौचालय से बुलाकर पता पूछने वालों का आना बंद हो गया है. जिससे दशरथ पहले से काफी खुश हैं और अपना काम कर पा रहे है.

VVIP से परेशान हो शख्स ने खोल लिया पूछताछ केंद्र, पता बताने के लेता है 5 रुपये
शिवाजी नगर के सुलभ शौचालय के सामने खोला पूछताछ केंद्र

भोपाल: जब मोबाइल फोन नहीं थे और गूगल मैप का जमाना भी नहीं था तो लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक-दूसरे से पता पूछ लिया करते थे. बताने वाला भी खुशी-खुशी पता बता दिया करता था. लेकिन अब जमाना बदल गया है. टेक्नोलॉजी ने जीवन सरल बना दिया है. गूगल मैप्स के दौर में भी कुछ जगहें ऐसी भी हैं जिनकी लोकेशन आसानी से नहीं मिल पातीं. ऐसे में भोपाल के एक शख्स से वीवीआईपी लोग बार-बार पता पूछते थे. उनको परेशान करते थे. इस चीज से परेशान हो उस व्यक्ति ने पता बताने का केंद्र खोल लिया. इतना ही नहीं पता बताने की एवज में वह 5 रुपये की फीस भी लेता है.

एड्रेस पूछने के नाम पर करते थे बेवजह परेशान
दरअसल, भोपाल के शिवाजी नगर के सुलभ शौचालय पर काम करने वाले दशरथ रैकवार काफी समय से परेशान थे. वीवीआईपी लोग सुलभ शौचालय के सामने आते और उनको बुलाकर संबंधित व्यक्ति के घर का उनसे एड्रेस पूछते. हालांकि उनको पता बताने में कोई परेशानी नहीं थी, मगर कुछ लोग अपनी कार में बैठे-बैठे उनको आवाज देकर बुलाते और उनसे पता पूछते. कई लोग तो इस दौरान दशरथ के साथ दुर्व्यवहार भी कर बैठते. इसी से तंग आकर दशरथ ने शौचालय के बाहर एक टेबल कुर्सी लगा दी. उस पर एक पोस्टर लगाया और लिख दिया पूछताछ केंद्र, पता बताने के 5 रुपये लगेंगे.

लोग पूछते थे अधिकारियों-मंत्रियों के घर का पता
शिवाजी नगर से होकर पॉश इलाके का रास्ता जाता है. यहां पर चार इमली इलाका है जहां पर सीनियर आईएएस और मंत्री रहते हैं. इन्हीं लोगों से मिलने के लिए वीवीआईपी आते हैं और संबंधित अधिकारियों-मंत्रियों के घर का पता दशरथ से पता पूछते थे.

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शुल्क वाले पोस्टर को देखकर पता पूछने वाले काट रहे कन्नी
दशरथ का कहना है कि उनके ऐसा करने से लोग पोस्टर देखकर चले जा रहे हैं. उनको परेशान नहीं कर रहे हैं. आपको बता दें कि जो लोग दशरथ के पास आकर पता पूछ रहे हैं वो उनको पता बता रहे हैं और उनसे पैसे भी नहीं ले रहे हैं. फीस लगाने से दशरथ की परेशानी कम हो गई है. अब लोग बेवजह उनसे पता नहीं पूछते हैं, बल्कि कन्नी काटते हुए निकल जाते हैं.

बिना टेंशन कर रहे अपना काम
बस इस तरह पोस्टर को लगाने से वीआईपी की तरह दशरथ को उनके शौचालय से बुलाकर पता पूछने वालों का आना बंद हो गया है. जिससे दशरथ पहले से काफी खुश हैं और अपना काम कर पा रहे है.

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