पाकिस्तान भी अपने नागरिकों को लगाएगा भारत में बनी कोरोना वैक्सीन! जानिए और कौन से देश हमसे लेंगे मदद

एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का निर्माण भारत स्थित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है. पाकिस्तान के अलावा कई अन्य देशों ने भी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से वैक्सीन खरीदने का करार किया है. 

पाकिस्तान भी अपने नागरिकों को लगाएगा भारत में बनी कोरोना वैक्सीन! जानिए और कौन से देश हमसे लेंगे मदद

नई दिल्लीः भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध खराब दौर से गुजर रहे हैं. हालांकि अब खबर आयी है कि भारत में बनी एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पाने के लिए पाकिस्तान ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है. हालांकि यह वैक्सीन पाकिस्तान को द्विपक्षीय संबंधों के तहत नहीं मिलेगी, बल्कि कोवैक्स अभियान के तहत मिलेगी.

बता दें कि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का निर्माण भारत स्थित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है. पाकिस्तान के अलावा कई अन्य देशों ने भी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से वैक्सीन खरीदने का करार किया है. 

क्या है कोवैक्स अभियान
दरअसल कोवैक्स एक वैश्विक गठबंधन है, जिसके लिए ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन (GAVI), कोलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन (CEPI) और डब्लूएचओ (WHO) साथ आए हैं. इस गठबंधन के तहत दुनिया के 190 देशों की 20 फीसदी आबादी को मुफ्त कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. इन 190 देशों में पाकिस्तान भी शामिल है. इस अभियान के तहत पाकिस्तान को मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में वैक्सीन की पहली खेप मिल सकती है. 

चीन से भी है पाकिस्तान का करार
चीन में बनी वैक्सीन सिनोफार्म के लिए पाकिस्तान में अगले हफ्ते से रजिस्ट्रेशन शुरू होने की उम्मीद है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ.फैजल सुल्तान ने द डॉन के साथ बातचीत में यह जानकारी दी है. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बंद है लेकिन जीवन रक्षक दवाओं आयात-निर्यात पर रोक नहीं है. 

ये देश भी लेंगे भारत में बनी वैक्सीन
पाकिस्तान के साथ ही नेपाल ने भी भारत से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार की गई कोविशील्ड वैक्सीन की 1.20 करोड़ खुराक मांगी हैं. 

बांग्लादेश सरकार ने भी 3 करोड़ खुराक मांगी हैं. इसके अलावा बांग्लादेश सरकार, भारत सरकार के संपर्क में भी है. 

म्यांमार ने भी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ कोविशील्ड वैक्सीन की खरीद को लेकर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. 

भूटान ने भी कंपनी से 10 लाख डोज वैक्सीन देने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही भूटान की सरकार भारत सरकार से भी बातचीत कर रही है. 

ब्राजील ने भी कंपनी के साथ 20 लाख वैक्सीन की डोज देने का अनुबंध किया है. बता दें कि कोविशील्ड वैक्सीन कोरोना वायरस पर 90 फीसदी तक प्रभावी है. 

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