शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, इस तारीख से रिटायर हो रहे अधिकारियों को कोविड ड्यूटी में दी जाएगी तैनाती, आदेश जारी

आदेश के मुताबिक एमपी सरकार, निगमों, मंडलो और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों से रिटायर होने वाले अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. 

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, इस तारीख से रिटायर हो रहे अधिकारियों को कोविड ड्यूटी में दी जाएगी तैनाती, आदेश जारी
शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश (फाइल फोटो)

भोपालः प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है. दरअसल सरकार ने 31 मार्च 2021 या उसके बाद रिटायर होने वाले अधिकारियों को कोरोना के विरुद्ध चल रहे अभियान में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर तैनात करने का आदेश दिया है. सरकार ने इस संबंध में लिखित आदेश जारी भी कर दिया है. आदेश के मुताबिक एमपी सरकार, निगमों, मंडलो और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों से रिटायर होने वाले अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. 

अभी जुलाई तक के लिए होगी तैनाती
आदेश में कहा गया है कि फिलहाल अधिकारियों की तैनाती 31 जुलाई 2021 तक के लिए की जाएगी. वर्ग-3 और वर्ग-4 के रिटायर अधिकारियों को नियुक्ति जिला प्रमुखों द्वारा दी जाएगी. वहीं सार्वजनिक उपक्रम और स्थानीय निकायों के रिटायर अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी तैनाती दे सकेंगे. नियुक्ति देने से पहले कलेक्टर से प्रमाणीकरण जरूरी होगा कि वह कोविड 19 की ड्यूटी में तैनात हैं और उनकी सेवाएं जरूरी हैं. 

वर्ग-2 के शासकीय अधिकारियों को संभागीय आयुक्त द्वारा तैनाती दी जा सकेगी. इनके लिए भी कलेक्टर का प्रमाणीकरण जरूरी होगा. वहीं वर्ग-1 के अधिकारियों को तैनाती सीधे संबंधित प्रशासकीय विभाग द्वारा दी जाएगी. 

पुलिस अधिकारियों की भी होगी नियुक्ति
आदेश के मुताबिक गृह विभाग के अंतर्गत कोरोना के विरुद्ध चल रहे अभियान में वर्ग-3 और वर्ग 4 के पुलिस अधिकारियों को एसपी के प्रमाणीकरण पर पुलिस उप-महानिरीक्षक तैनाती दे सकेंगे. वहीं वर्ग-2 के पुलिस अधिकारियों को पुलिस महानिदेशक तैनाती दे सकेंगे. 

कॉन्टैक्ट पर तैनात किए गए इन अधिकारियों पर मध्य प्रदेश संविदा नियुक्ति नियम- 2017 के प्रावधान लागू होंगे. 

इतनी मिलेगी सैलरी
बता दें कि रिटायरमेंट के बाद जो अधिकारी संविधा पर कोविड ड्यूटी में तैनात किए जाएंगे, उन्हें रिटायरमेंट के समय उनके कुल वेतन में से मूल वेतन औ महंगाई भत्ते में से पेंशन की एकमुश्त राशि, वेतन के तौर पर दी जाएगी. साथ ही मूल वेतन पर किराया भत्ता और नगर क्षतिपूर्ति भत्ता भी दिया जाएगा.