रायपुर में हुआ ज़ी MPCG हेल्थ समिट

रायपुर में ज़ी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ ने हेल्थ समिट का आयोजन किया, इस दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर मौजूद रहे, चंद्राकर ने ज़ी MPCG के एडिटर दिलीप तिवारी के सवालों के बखूबी जवाब दिए, पढ़िए पूरी ख़बर। 

रायपुर में हुआ ज़ी MPCG हेल्थ समिट

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को ज़ी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ हेल्थ समिट का आयोजन किया गया।

इस हेल्थ समिट के ज़रिये हमने जानने की कोशिश की आखिर कैसे राज्य को सेहतमंद बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है।

हेल्थ समिट में खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने शिरकत की और ज़ी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के एडिटर दिलीप तिवारी के हर सवाल का बखूबी जवाब दिया।

चंद्राकर ने बताया कि एक दशक के दौरान कुपोषण के मामले में प्रदेश में काफी कमी आई है।

'हालात सुधर रहे हैं'

अजय चंद्राकर ने कहा कि हमने जहां से शुरुआत की थी वहां से देखेंगे तो यकीन नही कर पाएंगे कि स्वास्थ्य सेवाओं में कितना बदलाव हुआ है।

उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को इलाज के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर जाने की ज़रुरत ना पड़े। हम लागातार काम कर रहे हैं।

चंद्राकर ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से 100 बेड के सात अस्पतालों की शुरुआत की है। बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

'घटी है मृत्यु दर'

वहीं शिशु मृत्युदर पर अजय चंद्राकर ने कहा कि राज्य में शिशु और मातृ मृत्यु दर में भी गिरावट आई है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की कोशिशों की वजह से संस्थागत प्रसव में 6 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है तो मृत्यु दर में दो फ़ीसदी की कमी आई है।

'स्वास्थ्य क्षेत्र प्राथमिकता में'

स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि सरकार के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र प्राथमिकता में शुमार है। 

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए समाजिक क्षेत्र सबसे अहम होना चाहिए, चंद्राकर ने कहा कि हम पहली बार शहरी स्वास्थ्य बीमा योजना लेकर आए। 
सरकार की चिरायु योजना के तहत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना के तहत बच्चों के ह्रदय संबंधी बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे हैं। 
इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत बच्चों के कान और ना सुनाई देने का भी इलाज किया जा रहा है। 

'घट रहा है कुपोषण'

कुपोषण पर बोलते हुए चंद्राकर ने कहा कि कुपोषण की दर में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि आंकड़े में भी हम लगातार सुधार कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि एक दशक पहले छत्तीसगढ़ में कुपोषण की हालत खराब थी। 35 फीसदी से 11 फीसदी कुपोषण का आंकड़ा पहुंच गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि इस आंकड़े को 5 फीसदी पर लाया जाए।

'पांच सालों में बदलेंगे हालात'

अजय चंद्राकर ने कहा कि सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द और सुधार आयेगा, उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ सुदूरवर्ती इलाकों में भी व्यवस्थाएं बेहतर की जा रही हैं।

चंद्राकर ने दावा किया कि अगले पांच सालों में डॉक्टर हमारे पास चलकर नौकरी मांगने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि सुकमा और बीजापुर में स्वास्थ्य सेवाएं सुधारी गईं हैं।

'जवानों का है ख़्याल'

अजय चंद्राकर ने कहा कि जगदलपुर में इस साल के आखिर तक सुपर स्पैशियलेटी अस्पताल काम करना शुरु कर देगा ताकि नक्सली हमले में घायल हुए जवानों को तुरंत इलाज मुहैया कराया जा सके। 

मंत्री ने कहा की जल्द ही नक्सली इलाकों में मोबाइल आईसीयू की शुरुआत करने की कोशिश की जा रही है।

इसके साथ ही जंगलों में नक्सलियों से मोर्चा ले रहे जवानों के सामने मलेरिया की चुनौती पर मंत्री ने कहा कि मलेरिया ना फैले इसके लिए अलग से कोशिश की जा रही है। इसके लिए श्रीलंका का मॉडल भी अपनाया जाएगा।