देश के ​इतिहास का वो दौर जब लिखा गया 'आपातकाल' का काला अध्याय

ये वो दौर था जब लोगों ने सचमुच अपनी आजादी खो दी थी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Jun 25, 2020, 01:00 AM IST

नई दिल्ली: वर्ष 1971 के आम चुनावों में 'गरीबी हटाओ' के नारे के साथ इंदिरा गांधी का प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आगमन हुआ था. कांग्रेस ने इस चुनाव में 518 में से 352 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. 1971 वो साल था जब दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश का उदय हुआ और किसी दौर में गूंगी गुड़िया कही जाने वालीं इंदिरा गांधी को 'मां दुर्गा' और 'आयरन लेडी' जैसे नामों से पुकारा जाने लगा. लेकिन कुछ समय बाद ही स्थितियां बदल गईं. 25 और 26 जून के बीच की रात इंदिरा गांधी ने देश के इतिहास में आपातकाल यानी इमरजेंसी का काला अध्याय लिख डाला. ये वो दौर नहीं था कि जब लोग नारे लगा कर आजादी मांगते थे, बल्कि ये वो दौर था जब लोगों ने सचमुच अपनी आजादी खो दी थी. 1975 में आज ही के दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी थी. ये आपातकाल देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक यानी 21 महीनों तक लागू रहा था.

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'आपातकाल' का काला अध्याय

Emergency the darkest chapter of India

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