कोटा: 16 साल से पंजाब से लापता दलजीत से ऐसे मिले परिजन, भीग गईं हर किसी की आंखें

कोटा जिला कलेक्टर ओम प्रकाश कसेरा ने आश्रम के पदाधिकारियों और दलजीत के परिजनों को अपने कार्यालय बुलाकर बातचीत कर दलजीत को परिजनों को सौंपा. उन्होंने दलजीत एवं उसके परिजनों का सम्मान शॉल, मोतियों की माला ओर राजस्थानी पगड़ी पहनाकर किया.

कोटा: 16 साल से पंजाब से लापता दलजीत से ऐसे मिले परिजन, भीग गईं हर किसी की आंखें
दलजीत की सूचना पाकर घर वालों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

हिमांशू मित्तल, कोटा: जरा सोचिए वो पल कैसा होगा, जब कोई अपने परिवार से बिछड़ने के पूरे 16 साल बाद मिलेगा. वो पल हर किसी को भावुक कर देने वाला था. 15 साल बाद कोटा के अपना घर आश्रम संस्था में पिछले सवा साल से रह रहे दलजीत सिंह को बड़े ही प्रयास के बाद 16 सालों के अंतराल के बाद आखिर अपना परिवार मिल गया. 

कोटा जिला कलेक्टर ओम प्रकाश कसेरा ने आश्रम के पदाधिकारियों और दलजीत के परिजनों को अपने कार्यालय बुलाकर बातचीत कर दलजीत को परिजनों को सौंपा. उन्होंने दलजीत एवं उसके परिजनों का सम्मान शॉल, मोतियों की माला ओर राजस्थानी पगड़ी पहनाकर किया.

अपना घर आश्रम के सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि पिछले वर्ष 13 सितंबर को कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के बड़गांव चौकी से पुलिस द्वारा अपना घर आश्रम को सूचना मिली कि कोई लाचार, विमंदित सा दिखने वाला कोई युवक लावारिस अवस्था में पड़ा हुआ है. सूचना पर आश्रम के 3 सेवा साथियों को मौके पर एंबुलेंस द्वारा भेजा गया और औपचारिकता पूर्णकर युवक को आश्रम लाया गया, जहां युवक ने मात्र अपना नाम दलजीत बताया. 

लगातार चला दलजीत का इलाज
लगातार चले उपचार, बेहतर देख-रेख ओर कॉउंसलिंग का नतीजा ये रहा कि  23 नवंबर को दलजीत ने स्वयं को पंजाब के कपूरथला का रहने वाला बताया. आश्रम के पदाधिकारियों ने कोटा जिला प्रशासन को पूरी जानकारी देकर मदद मांगी और कपूरथला पुलिस से फोन पर बातचीत कर घरवालों को ढूंढने के लिए अनुरोध किया. पंजाब पुलिस ने पंजाबी भाषा में दलजीत से बातचीत की और कपूरथला जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र के सार्जसिंह नामक भाई के होने की पुष्टिकर वीडियोकॉलिंग की मदद से घरवालों से दलजीत की बातचीत कराई.

दलजीत की सूचना पाकर घर वालों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा और भाई आदि अन्य परिजन ट्रेन से कोटा पहुंचे और आश्रम में पदाधिकारियों से मुलाकात कर समस्त दस्तावेज प्रस्तुत कर कपूरथला पुलिस से बातचीत कर दलजीत से मिले. 

बालों की कटिंग के समय हुए थे गायब
दलजीत के भाई ने बताया कि वर्ष 2003 में दलजीत बालों की कटिंग कराने घर से निकला था जो कि नहीं मिला. उसको याद करते-करते पिता एवं बहन की मौत भी हो चुकी है, जिसके बारे में दलजीत को नहीं बताया. घर पर मां बेसब्री से इंतजार कर रही है. इस अवसर पर समाजकल्याण विभाग के उपनिदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल अपना घर आश्रम के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष धर्म नारायण दुबे, काउंसलर महेंद्र चन्देल भी उपस्थित रहे.