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उदयपुर में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा, चिकित्सालय परिसर हुआ छावनी में तब्दील

बच्ची को जन्म देने के बाद अचानक प्रसूता की तबियत बिगड़ने पर गम्भीर अवस्था में आधी रात में उसे उदयपुर के लिये रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई. 

उदयपुर में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा, चिकित्सालय परिसर हुआ छावनी में तब्दील
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक प्रसूता की मौत के बाद जिला मुख्यालय स्थित महिला एंव बाल चिकित्सालय में परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसको देखते हुए प्रशासन द्वारा चिकित्सालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया. दरअसल शहर निवासी एक प्रसूता को दो दिन पूर्व जिला चिकित्सालय में स्थित महिला एंव बाल चिकित्सालय में प्रसव के लिये लाया गया, जहां महिला ने कल एक बच्ची को जन्म दिया. 

वहीं बच्ची को जन्म देने के बाद अचानक प्रसूता की तबियत बिगड़ने पर गम्भीरवस्था में आधी रात में उसे उदयपुर के लिये रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई. परिजन आज सवेरे महिला के शव को लेकर पुनः जिला चिकित्सालय पहुंचे जहां महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इस बीच आक्रोशित कुछ युवकों ने चिकित्सालय परिसर के अंदर तोड़ फोड़ करते हुए चिकित्सकों के साथ धक्का मुक्की भी की. 

मामले को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा चिकित्सालय परिसर में भारी जाप्ता तैनात कर दिया गया. काफी देर तक चले हंगामे के दौरान चिकित्सकों में भी रोष व्याप्त हो गया, जिसके चलते स्टाफ सहित सभी चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार कर चिकित्सालय के बाहर खड़े हो गये. पुलिस के आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंच लोगों को समझाईश के प्रयास भी किए, लेकिन परिजन चिकित्सक और स्टाफ को निलंबित करने की मांग को लेकर अड़े रहे. फिलहाल पुलिस ने चिकित्सक और परिजनों की रिपोर्ट पर परस्पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

बहरहाल जिला चिकित्सालय में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी कई मामले होते आए है, जिस पर परिजनों द्वारा जमकर हंगामा किया गया लेकिन अब तक जांच में किसी भी चिकित्सक पर गाज गिरने के बजाय परिजनों के खिलाफ ही कार्यवाही की जाती रही है, जबकि इस तरह की घटनाओं में चिकित्सक की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाया जा सकता है.