पुष्कर के जूता-चप्पल कांड का पहले से था पता, महज बाजार बंद करा कर बैठ गया था प्रशासन
topStories1rajasthan1350910

पुष्कर के जूता-चप्पल कांड का पहले से था पता, महज बाजार बंद करा कर बैठ गया था प्रशासन

 प्रशासन को ऐसी घटना का पूर्वानुमान लग गया था. बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन के कदम नहीं उठाए गए.

 

पुष्कर के जूता-चप्पल कांड का पहले से था पता, महज बाजार बंद करा कर बैठ गया था प्रशासन

Pushkar : गुर्जर आरक्षण आंदोलन में अहम भूमिका निभा चुके स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के अस्थि कलश विसर्जन के दौरान पुष्कर कस्बे के मेला ग्राउंड में आयोजित हुई सामाजिक सभा में प्रदेश के मंत्रियों पर चप्पल जूते चलाने, काले झंडे दिखाने, और उत्तेजक नारेबाजी के मामले में अब अजमेर की पुलिस सक्रिय हो गई है. पुलिस ने पुष्कर थाने में पांच नामजद और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

राजस्थान के ओवरएज बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर, अगली प्रतियोगी परीक्षाओं में 2 साल की छूट जानें पूरी डिटेल

हंगामे के दौरान जिला पुलिस और प्रशासन की सक्रियता भी सवालों के घेरे में

सोमवार को आयोजित हुई सामाजिक सभा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत की मौजूदगी में, प्रदेश के खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना और उद्योग देवीस्थान मंत्री शकुंतला रावत पर जूते और चप्पल फेंकने के साथ काले झंडे दिखाने, बेरिकेटिंग तोड़कर, उत्तेजना पूर्वक नारे लगाने पर जिला पुलिस और प्रशासन की बेबसी साफ नजर आ रही थी.

पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच प्रदेश के मंत्री और आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत को सुरक्षित सभा स्थल से ले जाने में ही अपनी भलाई समझी. मौके पर उत्पात मचा रहें युवाओं को हिरासत में तक नहीं लिया गया. जिसको लेकर जिला पुलिस और प्रशासन के कार्यशैली पर सवाल उठने लग गए थे.

जालोर में दलित छात्र की मौत के बाद अब बारां के स्कूल में छात्र पर शिक्षक का हमला, सूजा पैर लेकर घर आया मासूम

जिला प्रशासन को था अप्रिय घटना का पूर्वानुमान, बावजूद इसके बाजार बंद करने की अपील तक ही दिखाई सजगता
पुष्कर के उपखंड अधिकारी सुखाराम पिंडेल ने 11 सितंबर की रात को जरिए सोशल मीडिया पुष्कर के स्थानीय व्यापारियों से किसी अप्रिय घटना के अंदेशे से 12 सितंबर को आयोजित होने वाली सामाजिक सभा के दौरान स्वैच्छिक दुकानें बंद करने की अपील की थी. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन को ऐसी घटना का पूर्वानुमान लग गया था. बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन के कदम नहीं उठाए गए.

गाज गिरने के डर से एक्टिव मोड में आया जिला पुलिस और प्रशासन
सूबे के मंत्रियों पर जूते फेंकने, काले झंडे लहराने, और उत्तेजक नारेबाजी करने के मामले में जहां सोशल मीडिया पर नेता जुबानी जंग में मशगूल है. तो वही जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों पर अब गाज गिरने का अंदेशा लगाया जा रहा है. इसी के चलते मंगलवार को पुलिस ने अजमेर जिले के ही बस्सी निवासी गोपाल गुर्जर, डूमाडा निवसी गिरधारी, रामपुरा निवासी सांवरलाल गुर्जर, तिलोरा निवासी विक्की गुर्जर और जगमाल गुर्जर सहित एक अन्य पर धारा 353, 427, 352, 143, 336 में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

अजमेर की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 

Trending news