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अलवर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 40 लाख के लूट की वारदात के मामले का हुआ खुलासा

रोडवेज बस स्टैंड पर मत्स्य आगार के प्रशासनिक भवन में 33 दिन 40 लाख रुपए का कैश लूटने की वारदात हुई थी.

अलवर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 40 लाख के लूट की वारदात के मामले का हुआ खुलासा
अलवर पुलिस ने 40 लाख के लूट के आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

प्रमोद कुमार,अलवर: अलवर में बढ़ती आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाने के लिए अपराधियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है. लगातार हो रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए की गई पुलिसिया कार्रवाई में 9 दिसंबर को 40 लाख के लूट की वारदात के मामले का खुलासा करने में जिला पुलिस को सफलता मिली है.

आपको बता दें कि, शहर में रोडवेज बस स्टैंड पर मत्स्य आगार के प्रशासनिक भवन में 33 दिन पहले कैशियर, गार्ड एवं एक परिचालक को बंधक बनाने और फायरिंग कर करीब 40 लाख रुपए का कैश लूटने की वारदात हुई थी.

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह षड्यंत्र रोडवेज के ही गार्ड नंदलाल ओड राजपूत के बेटे अमित ने रचा था. अमित अपने पिता को खाना देने बस स्टैंड जाता था. वहां कैशियर रूम में रोजाना नोटों के ढेर देखकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह वारदात की. वहीं, वारदात में संलिप्त 7 बदमाशों को भी गिरफ्तार कर पुछताछ की जा रही है. सभी आरोपियों की उम्र 18 से 22 साल के बीच की है. पुलिस ने इनसे वारदात में उपयोग ली गई पिस्टल भी बरामद की है. 

गिरफ्तार आरोपियों में अमित पुत्र नंदलाल ओड राजपूत नि. 2 क 415 शिवाजी पार्क, 19 वर्षीय रवि पुत्र रमेश ओड राजपूत नि. 2 क 13 शिवाजी पार्क, 19 वर्षीय आकाश उर्फ अकी पुत्र सुभाष ओड राजपूत नि. 2 क 270 शिवाजी पार्क, 19 वर्षीय शैकी पुत्र जैसीराम जाट व 18 वर्षीय मोनू पुत्र लच्छीराम जाट नि. कैरवा जाट थाना एमआईए अलवर, कमल सिंह पुत्र प्रभू सिंह शिकारी नि. खारबास शिवाजी पार्क व 22 वर्षीय भूपसिंह पुत्र नेतराम गुर्जर नि. डहरा शहापुर शामिल है. 

इस संबंध में अलवर एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस वारदात को गंभीरता से लेकर सिटी सीओ डॉ. प्रियंका सिंह के नेतृत्व में कोतवाली थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी, एनईबी थानाधिकारी प्रेम बहादुर व शिवाजी पार्क थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी.

शक के आधार पर पुलिस ने किया गिरफ्तार

टीम ने मत्स्य नगर आगार के प्रशासनिक भवन और कैश काउंटर तक आने-जाने वाले कर्मचारियों व अन्य लोगों पर निगरानी रखी. सीसीटीवी फुटेज व घटनास्थल पर उपयोग मोबाइलों की कॉल डिटेल खंगाली. इसमें मत्स्य नगर आगार के प्रशासनिक भवन पर तैनात गार्ड नंदलाल ओड राजपूत के बेटे अमित की गतिविधियां संदिग्ध मिली. फुटेज में गार्ड नंदलाल का बेटा अमित व उसके साथी कमल शिकारी, भूपसिंह गुर्जर व शैंकी नजर आए. इस दौरान अमित पर पुलिस ने नजर बनाए रखी. शक पुख्ता होने पर पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया.

9 दिसंबर को हुई थी लूट की वारदात

गौरतलब है कि 9 दिसंबर की रात 8.30 बजे बदमाशों ने मत्स्य नगर आगार के प्रशासनिक भवन में फायरिंग कर कैशियर प्रहलाद शर्मा, ईटीआईएम शाखा प्रभारी रमेश लोदिया, परिचालक अनिल गिरी, फकरूदीन व गार्ड नंदलाल पर पिस्टल तानकर उन्हें बंधक बनाकर एक कमरे में बैठा दिया था. बदमाशों ने कैशियर शर्मा को मारने और वहां रखा करीब 40 लाख रुपए का कैश लूटने के मकसद से पिस्टल से फायरिंग की. फायरिंग के दौरान रोडवेज कर्मी बाल-बाल बच गए थे. बाद में अन्य कर्मचारियों के आने पर बदमाश भाग गए थे. भागते समय भी बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग भी की थी.

अमित व रवि के परिजन बोले-हमारे बेटे निर्दोष 

कोतवाली थाने में वारदात के खुलासे के दौरान संदिग्ध आरोपियों के मां-बाप ने पुलिस पर अपने बेटों को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर गलत आरोप मढ़ने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि पुलिस जानबुझकर उनके निर्दोष बच्चों को इस मामले में फंसा रही है.